(बड़ी खबर)- उत्तराखंड से राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित युवा पत्रकार सुमित जोशी को मिलेगा जेम्स ऑगस्टस हिकी पुरस्कार

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युवा पत्रकार सुमित जोशी को मिलेगा जेम्स ऑगस्टस हिकी पुरस्कार

  • इंटेलेक्चुअल सोसाइटी ऑफ मीडिया प्रोमोटर्स की घोषणा
  • अगले वर्ष पांच अप्रैल को रायपुर छत्तीसगढ़ में मिलेगा सम्मान

हल्द्वानी। इंटेलेक्चुअल सोसाइटी ऑफ मीडिया प्रोमोटर्स ने प्रेस विरासत सम्मान के लिए नामों की घोषणा कर दी है। पुरस्कार के लिए देशभर से मीडिया, साहित्य एवं शिक्षा जगत से जुड़े करीब 30 प्रोफेशनल्स का चयन किया गया है। इसमें हल्द्वानी के युवा पत्रकार सुमित जोशी को जेम्स ऑगस्टस हिकी पुरस्कार के लिए चुना गया है।
अगले वर्ष 5 व 6 अप्रैल को रायपुर छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित संकल्प संस्कार समारोह उन्हें राष्ट्रीय अवार्ड दिया जाएगा। सुमित जोशी वर्तमान में दैनिक जागरण हल्द्वानी मुख्यालय में बतौर सीनियर रिपोर्टर कार्यरत हैं। इससे पूर्व हिन्दुस्तान हल्द्वानी, अमर उजाला नैनीताल में भी सेवाएं दे चुके हैं। रामनगर के रहने वाले सुमित जोशी करीब आठ वर्ष से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर एवं पं. गौरी दत्त दानी सरस्वती विद्या मंदिर से इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की है। जबकि स्नातक पीएनजी पीजी कॉलेज रामनगर से और पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से किया है। पत्रकारिता के साथ ही वर्तमान में देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय देहरादून से डॉ. चेतन भट्ट के निर्देशन और डॉ. राकेश रयाल के सह निर्देशन में जनसंचार में पीएचडी भी कर रहे हैं। इधर, बताते चलें कि मीडिया प्रमोटर्स की सूची में इस वर्ष उत्तराखंड से राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित होने वाले वह एकमात्र पत्रकार हैं।

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भारत में हिकी ने रखी थी आधुनिक पत्रकारिता की नींव ::

जेम्स ऑगस्टस हिकी भारतीय पत्रकारिता के इतिहास में एक अहम स्थान रखते हैं। उन्होंने साल 1780 में भारत का पहला अखबार ‘बंगाल गजट’ शुरू किया था। यह अखबार उस समय के ब्रिटिश शासन की नीतियों और अधिकारियों की मुखर आलोचना के लिए जाना जाता था। हालांकि, यह अखबार सिर्फ दो साल तक ही चल पाया, और 1782 में ब्रिटिश प्रशासन ने इसे जब्त कर लिया। हिकी का यह कदम भारतीय पत्रकारिता के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। जेम्स ऑगस्टस हिकी को भारतीय पत्रकारिता के ‘पितामह’ के रूप में जाना जाता है, और उनके नाम पर दिए जाने वाले पुरस्कार को प्राप्त करना किसी भी पत्रकार के लिए गर्व की बात है।

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