ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल में पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू

ख़बर शेयर करें

भीमताल। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल के कॉलेज ऑफ नर्सिंग की ओर से 17 से 21 अगस्त 2026 तक पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य नर्सिंग शिक्षकों की दक्षताओं को मजबूत करना, तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना तथा बदलते स्वास्थ्य एवं नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों एवं शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराना है।

कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से 60 से अधिक फैकल्टी सदस्य एवं नर्सिंग शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। यह आयोजन शिक्षकों को शैक्षणिक संवाद, व्यावसायिक अनुभवों के आदान-प्रदान और ज्ञान साझा करने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान कर रहा है। FDP के माध्यम से प्रतिभागियों को निरंतर व्यावसायिक विकास के साथ-साथ समकालीन कौशल एवं आधुनिक शिक्षण दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर भीमताल कैंपस के निदेशक, कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्या एवं फैकल्टी सदस्यों ने दीप प्रज्ज्वलित किया। दीप प्रज्ज्वलन सीखने, नवाचार और व्यावसायिक विकास की दिशा में नई यात्रा के शुभारंभ का प्रतीक रहा।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए भीमताल कैंपस के निदेशक ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने डिजिटल हेल्थ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा उभरती तकनीकों के कारण स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे तेजी से बदलावों का उल्लेख करते हुए शिक्षकों से इन विकासों के साथ स्वयं को निरंतर अपडेट रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक के साथ सहानुभूति, संवेदनशीलता और मानवीय जुड़ाव भी आवश्यक हैं, विशेषकर नर्सिंग जैसे सेवा एवं रोगी देखभाल पर केंद्रित क्षेत्र में।

कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्या ने नर्सिंग शिक्षकों के लिए निरंतर व्यावसायिक विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों से डिजिटल परिवर्तन को अपनाने तथा कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और क्लिनिकल शिक्षण में आधुनिक तकनीकों को प्रभावी रूप से शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से हो रहे बदलावों के साथ नर्सिंग शिक्षा में भी निरंतर परिवर्तन आवश्यक है, ताकि विद्यार्थियों को तकनीक आधारित क्लिनिकल वातावरण के लिए बेहतर ढंग से तैयार किया जा सके।

कार्यक्रम के प्रथम अकादमिक सत्र में राजकीय नर्सिंग कॉलेज, शाहजहांपुर की प्राचार्या डॉ. अपर्णा पांडे ने “नर्सिंग इंफॉर्मेटिक्स एवं डिजिटल हेल्थ” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं और नर्सिंग प्रैक्टिस में सूचना एवं डिजिटल तकनीकों के बढ़ते महत्व पर विस्तार से चर्चा की।

डॉ. पांडे ने इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड्स (EHRs) और डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन के महत्व को समझाते हुए बताया कि इनके माध्यम से मरीजों की जानकारी का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने, आवश्यक जानकारी को शीघ्र प्राप्त करने, उपचार की निरंतरता बनाए रखने तथा स्वास्थ्यकर्मियों के बीच प्रभावी संवाद में सहायता मिलती है। उन्होंने पेपर आधारित रिकॉर्ड से डिजिटल सिस्टम की ओर हो रहे बदलाव तथा मरीजों की सुरक्षा और बेहतर क्लिनिकल निर्णयों के लिए सटीक एवं समयबद्ध डॉक्यूमेंटेशन की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।

सत्र के दौरान डेटा सुरक्षा और मरीजों की गोपनीयता को भी महत्वपूर्ण विषय के रूप में रेखांकित किया गया। डॉ. पांडे ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए संवेदनशील मरीज संबंधी जानकारी की सुरक्षित पहुंच, नैतिक उपयोग और जिम्मेदार प्रबंधन की आवश्यकता बताई।

उन्होंने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी चर्चा की। प्रतिभागियों को क्लिनिकल दक्षता के साथ डिजिटल साक्षरता विकसित करने तथा नर्सिंग शिक्षा में डिजिटल हेल्थ से जुड़े विषयों को प्रभावी रूप से शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम के प्रथम दिन का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, तेज और बेहतर तरीके से जोड़ सकती है, लेकिन गुणवत्तापूर्ण रोगी देखभाल में सहानुभूति, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों की भूमिका हमेशा केंद्रीय रहेगी। FDP के पहले दिन ने आगामी चार दिनों के ज्ञानवर्धक सत्रों, संवाद, सहयोग और व्यावसायिक विकास के लिए मजबूत आधार तैयार किया।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

You cannot copy content of this page