नैनीताल में पारंपरिक ऐपण कला के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को सुंदरता के साथ उकेरा

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अपनी लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी को इससे जोड़ने के उद्देश्य से शनिवार को साह-चौधरी समाज नैनीताल एवं वृंदावन पब्लिक स्कूल नैनीताल के संयुक्त तत्वावधान में 13वीं चंद्र लाल साह विद्यालय स्तरीय ऐपण प्रतियोगिता एवं तीसरी राजेंद्र लाल साह ओपन ऐपण प्रतियोगिता का आयोजन वृंदावन स्कूल में किया गया। प्रतियोगिता में नैनीताल एवं हल्द्वानी के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ ही शहर की महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता में कुल 45 विद्यार्थियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसमें जीजीआईसी नैनीताल, ऐशडेल स्कूल नैनीताल, सनवाल स्कूल नैनीताल, मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर नैनीताल, ऑल सेंट्स कॉलेज नैनीताल, नगर पालिका स्कूल काठगोदाम तथा भारतीय शहीद सैनिक स्कूल नैनीताल के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।

प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने पारंपरिक ऐपण कला के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को सुंदरता के साथ उकेरा। विशेष रूप से ऑल सेंट्स कॉलेज नैनीताल एवं हल्द्वानी से आए विद्यार्थियों ने ऐपण कला के प्रति अपनी जानकारी, समझ और रचनात्मकता से उपस्थित लोगों को प्रभावित किया। आधुनिकता के इस दौर में बच्चों की अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति रुचि और पारंपरिक कला का ज्ञान सभी के लिए उत्साहवर्धक रहा।

कुलसचिव डा.रितेश साह ने किया बच्चों का उत्साहवर्धन

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुमाऊं विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलसचिव रितेश साह रहे। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित ऐपण कला की सराहना करते हुए कहा कि आज के आधुनिक युग में भी बच्चों का अपनी संस्कृति और पारंपरिक कलाओं के प्रति जुड़ाव अत्यंत सराहनीय है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने तथा लोक कलाओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में ताल चैनल की प्रबंधक ईशा साह, किंग प्रेस के प्रबंधक घनश्याम लाल साह, भारत टेंट हाउस के प्रबंधक कान्हा साह तथा चौधरी कंस्ट्रक्शन के प्रबंधक विमल चौधरी उपस्थित रहे। समाज के कार्यक्रमों में निरंतर सहयोग प्रदान करने के लिए इन सभी अतिथियों को सम्मान स्वरूप स्मृति चिह्न भेंट किए गए।

विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता के परिणाम

विद्यालय स्तरीय ऐपण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे—

  • प्रथम स्थान:- अस्मिता परिहार — सनवाल स्कूल
    • द्वितीय स्थान:- गीतांजलि हल्सी — मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर
    • तृतीय स्थान:- दिव्यांशी बोहरा — सनवाल स्कूल
    • चतुर्थ सांत्वना पुरस्कार:- पंखुड़ी गोस्वामी — मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर
  • पंचम सांत्वना पुरस्कार:- भारती जोशी — सनवाल स्कूल
    • *षष्ठम सांत्वना पुरस्कार:- यामिनी राजपूत — नगर पालिका स्कूल, काठगोदाम
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  • *सप्तम सांत्वना पुरस्कार:- ज्योत्सना आर्या — मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर
  • अष्टम सांत्वना पुरस्कार:- आयुषी — नगर पालिका स्कूल, काठगोदाम

प्रतियोगिता में प्राप्त अंकों के आधार पर सनवाल स्कूल ने टीम चैंपियनशिप अपने नाम की।

ओपन ऐपण प्रतियोगिता में 15 महिलाओं ने लिया भाग

तीसरी राजेंद्र लाल साह ओपन ऐपण प्रतियोगिता में नैनीताल शहर की 15 महिलाओं ने प्रतिभाग कर अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे—

  • प्रथम पुरस्कार:- निहारिका साह
    • द्वितीय पुरस्कार:- अंकिता रौतेला
  • तृतीय पुरस्कार:- याशवी रावत
    • चतुर्थ पुरस्कार:- कमला धामी
    • पंचम पुरस्कार:- अंजलि बुधलाकोटी

प्रतियोगिता के विजेताओं को नकद पुरस्कार के साथ ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया।

निर्णायक मंडल ने किया प्रतिभाओं का मूल्यांकन

प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका श्री बृजमोहन जोशी, श्रीमती शीला साह, श्रीमती सुधा साह, श्रीमती जानकी साह एवं श्रीमती मंजू साह ने निभाई। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की कलात्मक अभिव्यक्ति, पारंपरिक शैली और ऐपण कला की बारीकियों के आधार पर उनका मूल्यांकन किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन श्री शैलेन्द्र साह ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर साह-चौधरी समाज के अध्यक्ष श्री मनोज साह एवं सचिव श्री शैलेन्द्र चौधरी ने सभी प्रतिभागियों, उनके साथ आए शिक्षकों, अतिथियों एवं आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। साथ ही कार्यक्रम की संयोजक श्रीमती राखी साह एवं सह-संयोजक श्रीमती भारती साह के विशेष योगदान की सराहना की।

इस अवसर पर हितेश साह, हर्षित साह, मोहित लाल साह, किशन लाल साह, सुरेश लाल साह, सुरेश चौधरी, विमल चौधरी, बिमल साह, मनोज साह, ललित मोहन साह, आलोक साह, मोहित साह, अमिता साह, ज्योति चौधरी, दीपा चौधरी, मनीष साह, दिग्विजय साह, दिग्विजय चौधरी सहित विद्यालय की शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

ऐपण प्रतियोगिता ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि अपनी लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं को जीवंत बनाए रखने के लिए नई पीढ़ी को इनसे जोड़ना आवश्यक है। ऐसे आयोजन उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को सहेजने के साथ ही बच्चों और युवाओं में अपनी विरासत के प्रति गौरव की भावना भी विकसित करते हैं।

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