नैनीझील में लगातार तीसरे दिन पहुंचा गंदा पानी, ठंडी सड़क क्षेत्र से बहाव थमने का नाम नहीं

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रिपोर्टर: संध्या शर्मा, नैनीताल


नैनीताल, 20 जून। सरोवर नगरी की पहचान और करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र नैनीझील इन दिनों प्रदूषण के बढ़ते खतरे से जूझ रही है। ठंडी सड़क क्षेत्र से 18 जून को शुरू हुआ कथित सीवर मिश्रित पानी का बहाव तीसरे दिन भी जारी है, जिससे झील संरक्षण के प्रयासों पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क किनारे बह रहा गंदा पानी बिना किसी अवरोध के सीधे झील में मिल रहा है। लगातार तीन दिनों से बनी इस स्थिति ने स्थानीय लोगों, पर्यावरण प्रेमियों और पर्यटकों की चिंता बढ़ा दी है।
झील के किनारे प्लास्टिक कचरे के बीच मृत मछली मिलने की घटना ने मामले को और गंभीर बना दिया है। हालांकि मछली की मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय लोग झील में बढ़ते प्रदूषण को लेकर आशंकित हैं।
नैनीझील नैनीताल की सुंदरता, पर्यटन और पर्यावरणीय संतुलन का आधार है। ऐसे में झील में लगातार गंदे पानी के प्रवेश से जलीय पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक इस तरह का बहाव जारी रहने से जल गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि झील संरक्षण केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनका मानना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
लोगों ने मांग की है कि बह रहे पानी की तत्काल जांच कराई जाए, उसके स्रोत की पहचान की जाए और झील में प्रदूषण रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
क्या नैनीताल की जीवनरेखा कही जाने वाली नैनीझील को बचाने के लिए समय रहते ठोस कदम उठाए जाएंगे, या यह समस्या यूं ही बढ़ती रहेगी?

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