गुणवत्तापरक शिक्षा पर फोकस करते हुए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के विस्तारण नये रोजगारपरक ऐड-ऑन कोर्स /वेल्यु एडेड कोर्स किये जायेंगे आरम्भ- प्रो०एन०के० जोशी

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नैनीताल मा० कुलपति प्रो० एन०के० जोशी की अध्यक्षता में कुमाऊँ विश्वविद्यालय के विद्या परिषद (एकेडमिक काउंसिल) की बैठक आहूत की गई। बैठक में कोविड-19 से उत्पन्न विषम परिस्थितियों के दृष्टिगत विश्वविद्यालय के स्नातक, स्नातकोत्तर एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के समस्त अंतरिम विषम सेमेस्टरों के परीक्षार्थियों के जिन प्रश्नपत्रों /विषयों की परीक्षाएं वर्तमान में सम्पादित नहीं कराई जा सकी है, उनके सन्दर्भ में व्यापक छात्रहित में निर्णय किया गया। साथ ही विवि में गुणवत्तापरक शिक्षा पर फोकस करते हुए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के विस्तारण नये रोजगारपरक ऐड-ऑन कोर्स / वेल्यु एडेड कोर्स आरम्भ करने हेतु विचार किया गया।
उल्लेखनीय है कि विगत बुधवार एवं गुरुवार को आयोजित संकायाध्यक्षों की बैठक एवं परीक्षा समिति अलग-अलग हुई बैठक में विषम सेमेस्टरों के परीक्षार्थियों को प्रोन्नत करने के सम्बन्ध में मानकों का परिक्षण किया गया था। आज विद्या परिषद की बैठक में सभी बिंदुओं पर अंतिम फैसला किया गया।
विद्या परिषद (एकेडमिक काउंसिल) का शुभारम्भ करते हुए मा० कुलपति प्रो० एन०के० जोशी ने कहा कि विश्वविद्यालय इस वर्ष गुणवत्तापरक शिक्षा पर फोकस करते हुए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों का विस्तारण करेगा एवं नए शैक्षणिक केन्द्रों तथा विभागों का सृजन करेगा। इस संदर्भ में संकायाध्यक्षों की बैठक में निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग नये रोजगारपरक ऐड-ऑन कोर्स / वेल्यु एडेड कोर्स आरम्भ करें जिसे विद्यार्थी अपने डिग्री पाठ्यक्रम के साथ-साथ कर सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा बीटेक पाठ्यक्रम को आरम्भ करने का भी निर्णय किया गया एवं इस हेतु प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। इस शैक्षिक सत्र से एम०एफ०ए० पाठ्यक्रम भी डी०एस०बी० परिसर में आरम्भ कर दिया गया है। मैं बताना चाहता हूँ कि बार कौंसिल ऑफ़ इंडिया की स्वीकृति मिलते ही बीबीए-एलएलबी (ऑनर्स) कोर्स भी इसी शैक्षिक सत्र से डॉ० राजेंद्र प्रसाद लॉ कॉलेज में आरम्भ कर दिया जायेगा।
मा० कुलपति ने कहा कि प्रस्तावित नैक ग्रेडिंग हेतु विभागीय स्तर पर की गई अद्यतन तैयारियों के संदर्भ में विश्वविद्यालय द्वारा एक समिति का गठन किया जा रहा है जिसके द्वारा अगस्त माह में समस्त विभागों में भौतिक अवस्थापनाओं का निरिक्षण किया जायेगा। साथ ही समिति द्वारा निरिक्षण के दौरान विभाग द्वारा तैयार रिसर्च प्रोजेक्ट्स, पेटेंट, अवार्ड्स, पब्लिकेशन, कांफ्रेंस, संचालित पाठ्यक्रम, ऐकडेमिक एक्टिविटीज एवं फ्यूचर प्लान से सम्बंधित प्रेजेंटेशन का भी अवलोकन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मैं विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तैयारियों के साथ, निर्धारित रोड मैप के जरिए, कुमाऊँ विश्वविद्यालय को देश के श्रेष्ठ विश्वविद्यालयों की सूची में अग्रणी स्थान पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
विद्या परिषद की बैठक में तय किया गया कि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित विषम सेमेस्टर की परीक्षा 2020-21 जो कोविड-19 महामारी से उत्पन्न विषम परिस्थितियों के दृष्टिगत दिनांक 18.04.2021 से तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गयी थी तथा अद्यतन प्रारम्भ नहीं की जा सकी हैं ऐसी विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं से सम्बन्धित परीक्षार्थियों का परीक्षाफल निम्नांकित मानकों के अनुरूप घोषित किया जायेगा –

अन्तरिम विषम सेमेस्टरों (प्रथम सेमेस्टर को छोड़कर) के सम्बन्ध में निम्नांकित निर्णय लिये गये –

  1. विषम सेमेस्टरों में अध्ययनरत् जिन विद्यार्थियों द्वारा कतिपय विषयों/प्रश्नपत्रों की लिखित परीक्षायें दी गयी हैं। ऐसे विषयों/प्रश्नपत्रों में विद्यार्थियों द्वारा बाह्य/लिखित परीक्षा में मूल्यांकन के उपरान्त अर्जित अंक ही यथावत् प्रदान किये जायेंगे।
  2. विद्यार्थियों द्वारा आन्तरिक मूल्यांकन में अर्जित अंकों को भी यथावत् प्रदान किया जायेगा।
  3. ऐसे समस्त पाठ्यक्रमों जिनमें प्रयोगात्मक/मौखिकी परीक्षायें सम्पादित हो चुकी हैं इन प्रयोगात्मक/ मौखिकी परीक्षाओं में परीक्षार्थी द्वारा अर्जित अंकों को यथावत प्रदान किया जायेगा।
  4. जिन प्रश्नपत्रों/विषयों की परीक्षायें विश्वविद्यालय द्वारा कोविड-19 से उत्पन्न विषम परिस्थितियों के दृष्टिगत आयोजित नहीं करायी जा सकी हैं, ऐसे प्रश्नपत्रों/विषयों में विश्वविद्यालय द्वारा निम्नांकित मानक के अनुरूप लिखित परीक्षा हेतु अंकों की गणना करअंक आवंटित कर परीक्षाफल तैयार किया जायेगा –
     50 प्रतिशत अधिमान अंक (आंतरिक मूल्यांकन में अर्जित अंकों के आधार पर) $ 50 प्रतिशत अधिमान अंक (पूर्व सेमेस्टरों में अर्जित कुल अंकों के योग के आधार पर)
  5. ऐसे प्रश्नपत्र/विषय जिनकी प्रयोगात्मक/प्रायोगिक/मौखिकी परीक्षाऐं सम्पादित नहीं करायी गयी, ऐसे प्रश्नपत्र/विषय की प्रयोगात्मक/प्रायोगिक/मौखिकी परीक्षाओं हेतु पूर्व समस्त सेमेस्टरों में प्रयोगात्मक/प्रायोगिकी/मौखिकी परीक्षा में अर्जित कुल अंकों के औसत के आधार पर अंक प्रदान किये जायेंगे।
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अन्तरिम विषम सेमेस्टरों (Intermediate Odd Semester) COP के सम्बन्ध में निम्नांकित निर्णय लिये गये –

  1. ऐसे परीक्षार्थी जो कि अपने अंतरिम विषम सेमेस्टर में किसी विषय/प्रश्नपत्र में COP उत्तीर्ण करने हेतु COP का परीक्षा आवेदन पत्र भरा तथा विश्वविद्यालय द्वारा ऐसे समस्त परीक्षार्थियों के विषय/प्रश्नपत्र की परीक्षा दिनांक 17-04-2021 तक सम्पादित करायी जा चुकी है, उस विषय/प्रश्नपत्र में विश्वविद्यालय द्वारा मूल्यांकन के उपरान्त परीक्षार्थी द्वारा अर्जित अंकों को ही प्रदान किया जायेगा।
  2. ऐसे परीक्षार्थी जिन्होंने अपने अंतरिम विषम सेमेस्टर में किसी विषय/प्रश्नपत्र में ब्ण्व्ण्च्ण् उत्तीर्ण करने हेतु COP का परीक्षा आवेदन पत्र भरा है, किन्तु विश्वविद्यालय द्वारा जिन परीक्षार्थियों के COP विषय/प्रश्नपत्र की परीक्षा सम्पादित नहीं करायी जा सकी, उक्त परिस्थिति में विश्वविद्यालय द्वारा उपरोक्त बिन्दु सं0 04 में निर्धारित मानक के अनुरूप ही COP का परीक्षाफल तैयार कराया जायेगा।

प्रथम सेमेस्टरों (First Semester) के सम्बन्ध में निम्नांकित निर्णय लिये गये-

  1. प्रथम सेमेस्टर में अध्ययनरत् जिन विद्यार्थियों द्वारा कतिपय विषयों/प्रश्नपत्रों की लिखित परीक्षायें दी गयी हैं। ऐसे विषयों/प्रश्नपत्रों में विद्यार्थियों द्वारा बाह्य/लिखित परीक्षा में मूल्यांकन के उपरान्त अर्जित अंक ही यथावत् प्रदान किये जायेंगे।
  2. विद्यार्थियों द्वारा आन्तरिक मूल्यांकन में अर्जित अंकों को भी यथावत् प्रदान किया जायेगा।
  3. ऐसे समस्त पाठ्यक्रमों जिनमें प्रयोगात्मक/मौखिकी परीक्षायें सम्पादित हो चुकी हैं इन प्रयोगात्मक/ मौखिकी परीक्षाओं में परीक्षार्थी द्वारा अर्जित अंकों को यथावत प्रदान किया जायेगा।
  4. जिन प्रश्नपत्रों/विषयों की परीक्षायें विश्वविद्यालय द्वारा कोविड-19 से उत्पन्न विषम परिस्थितियों के दृष्टिगत आयोजित नहीं करायी जा सकी हैं, ऐसे प्रश्नपत्रों/विषयों में विश्वविद्यालय द्वारा निम्नांकित मानक के अनुरूप लिखित परीक्षा हेतु अंकों की गणना कर अंक आवंटित कर परीक्षाफल तैयार किया जायेगा –
     50 प्रतिशत अधिमान अंक (आंतरिक मूल्यांकन में अर्जित अंकों के आधार पर) + 30 प्रतिशत अधिमान अंक (वर्तमान सेमेस्टर के लिखित परीक्षाओं में अर्जित कुल अंकों के योग के आधार पर) + 20 प्रतिशत पूर्व उत्तीर्ण परीक्षा (स्नातक हेतु इण्टरमीडिएट एवं स्नातकोत्तर हेतु स्नातक परीक्षा)
     यदि किन्हीं परीक्षार्थियों द्वारा वर्तमान विषम सेमेस्टर की कोई भी परीक्षा नहीं दी गयी है तो ऐसे परीक्षार्थियों का उपरोक्त 30 प्रतिशत अधिमान उस परिसर/महाविद्यालय/संस्थान के सम्बन्धित कक्षा के लिखित परीक्षाओं के अंकों के औसत के आधार पर अंक आवंटित किये जायेंगे।
     व्यवसायिक पाठ्य्क्रम में अध्ययनरत ऐसे विद्यार्थियों जिनके द्वारा यदि वर्तमान विषम सेमेस्टर की कोई भी परीक्षा नहीं दी गयी है तो ऐसे परीक्षार्थियों का उपरोक्त 30 प्रतिशत अधिमान हेतु एक अतिरिक्त आंतरिक मूल्यांकन ऑनलाईन माध्यम से पूर्ण कराकर उसके आधार पर अंक आवंटित किये जायेंगे।
  5. विश्वविद्यालय में संचालित ऐसे पाठ्यक्रम जो कि किसी नियामक संस्था (Governing Body) से संचालित होते हैं तो ऐसे समस्त पाठ्यक्रमों में विश्वविद्यालय द्वारा उपरोक्त मानक लागू नहीं होंगे। ऐसे समस्त पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं एवं परीक्षाफल के सम्बन्ध में सम्बन्धित नियामक संस्था द्वारा निर्धारित नियम प्रभावी होंगे।
  6. जिन प्रश्नपत्रों/विषयों में विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर अंकों की गणना कर अंक आवंटित किये जायेगें वे आर0 टी0 आई0 नियमों से आच्छादित नहीं होंगे।
  7. ऐसे परीक्षार्थी जिन्होंने परीक्षा आवेदन पत्र भरा है केवल उन्हीं विद्यार्थियों का परीक्षाफल विश्वविद्यालय द्वारा उपरोक्त वर्णित मानकों के आधार पर तैयार किया जायेगा।
  8. जिन परिसरों/महाविद्यालयों/संस्थनों के कतिपय परीक्षार्थी प्रत्यक्ष रूप से कोविड-19 से उत्पन्न विषम परिस्थितियों से प्रभावित होने के कारण परीक्षाओं में अपने किसी प्रश्नपत्र/विषय की परीक्षा में सम्मिलित होने से वंचित रहे गये थे, ऐसे परीक्षार्थियों द्वारा अपने परिसर/महाविद्यालय/संस्थान के संकायाध्यक्ष/प्राचार्य/निदेशक/परीक्षा प्रभारी से सत्यापित वैद्य प्रमाण-पत्र विश्वविद्यालय में प्रस्तुत करने के उपरान्त ही विश्वविद्यालय द्वारा ऐसे परीक्षार्थियों का परीक्षाफल उपरोक्त वर्णित मानकों के आधार पर घोषित किये जाने के सम्बन्ध में विचार किया जायेगा।
  9. विश्वविद्यालय द्वारा विषम सेमेस्टर के जिन पाठ्यक्रमों के समस्त विषयों/प्रश्नपत्रों की परीक्षायें पूर्ण हो चुकी थी एवं जिनके परीक्षाफल विश्वविद्यालय द्वारा घोषित किये जा चुके हैं, वे परीक्षाफल यथावत् रहेंगे।
  10. विषम सेमेस्टर में जिन प्रश्नपत्रों/विषयों की परीक्षायें आयोजित नहीं करायी जा सकी हैं तथा ऐसे प्रश्नत्रों/विषयों में विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार अंक आवंटित किये जाने के पश्चात् यदि कोई परीक्षार्थी इन प्राप्तांकों से सन्तुष्ट नहीं होते हैं तो ऐसे परीक्षार्थी आगामी विषम सेमेस्टर में परीक्षा आवेदन पत्र तथा परीक्षा शुल्क जमा करने के उपरान्त उक्त विषय/प्रश्नपत्र की परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं।
  11. कोविड-19 से उत्पन्न विषम परस्थितियों के कारण स्थगित विश्वविद्यालय की वार्षिक पद्धति की परीक्षाओं को माह सितम्बर/अक्टूबर, 2021 में सम्पादित करायी जायेंगी।
  12. विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक/स्नातकोत्तर/व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की सम-सेमेस्टर (Even Semester) की परीक्षायें माह सितम्बर/अक्टूबर में सम्पादित करायी जायेंगी।
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विद्या परिषद की बैठक में कुलसचिव श्री दिनेश चंद्रा, निदेशक डी०एस०बी० परिसर प्रो० एल०एम० जोशी, निदेशक जे०सी० बोस परिसर प्रो० पी०सी० कविदयाल, वित्त नियंत्रक श्री एल०आर० आर्या, प्रो० संजय पंत, प्रो० अतुल जोशी, प्रो० एस०सी० सती, प्रो० एम०एस० मावरी, प्रो० आर०के० पांडे, डॉ० अर्चना नेगी साह, डॉ० रितेश साह, समस्त विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ प्राध्यापक एवं राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी, राजकीय महाविद्यालय रामनगर, राजकीय महाविद्यालय रुद्रपुर, राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग के प्राचार्य उपस्थित रहे।

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