पक्षियों और तितलियों की जैव विविधता पर संरक्षण शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए वेबीनार का किया आयोजन

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पक्षियों और तितलियों की जैव विविधता पर बेविनार।
संरक्षण शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए वेबीनार का आयोजन।
पक्षियों तथा तितलियों का बताया गया महत्व ।
कोसी कटारमल अल्मोड़ा। पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल द्वारा जैव विविधता संरक्षण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक बेबीनार का आयोजन किया गया। इस वेबीनार में द्वाराहाट विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों के लगभग 150 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया, प्रधानाचार्य व शिक्षक भी वेबीनार में शामिल रहे।वैज्ञानिकों द्वारा जैव विविधता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला गया और तितलियों व पक्षियों के पारिस्थितिक महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक समझाया गया। इनके संरक्षण पर चर्चा की गई।जैव विविधता संरक्षण व प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर आई डी भट्ट ने सभी प्रतिभागियों को कार्यक्रम की रूपरेखा से परिचित कराया तथा संस्थान का परिचय दिया। खंड शिक्षा अधिकारी डी एल आर्या ने अपने संबोधन में कहा कि जैव विविधता का संरक्षण आज के समय की प्रमुख आवश्यकता है।विद्यार्थियों को संरक्षण शिक्षा के महत्व को समझना आवश्यक है। उन्होंने संरक्षण कार्य को धरातल पर उतारने की बात कही साथ ही कहा कि संरक्षण कार्य घर से शुरू होने चाहिए।संस्थान के वैज्ञानिक रवि पाठक ने पक्षी विविधता पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया उन्होंने पक्षियों की पहचान,उनकी शरीर की बनावट और पक्षियों के व्यवहार एवं पारिस्थितिक महत्व पर प्रकाश डाला। संस्थान के ही वैज्ञानिक रविंद्र जोशी ने तितलियों की जैव विविधता पर व्याख्यान दिया और उनके जीवन चक्र व संरक्षण की आवश्यक्ता को बताया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ आईडी भट्ट ने कहा की संस्थान द्वारा वैज्ञानिक शोधों का लाभ आम आदमी तक पहुंचाने के प्रयास लगातार जारी हैं। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को संस्थान के विभिन्न कार्यक्रमों द्वारा जोड़ने का प्रयास भी किया जाएगा। संस्थान के वैज्ञानिक डॉ के चंद्रशेखर ने बताया की युवा पीढ़ी को संरक्षण शिक्षा की जानकारी व महत्व बताया जाना आवश्यक है ताकि हम एक सुरक्षित भविष्य का निर्माण कर सकें। उन्होंने बताया कि अन्य विकास खंडों के लिए भी इसी प्रकार की कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को संरक्षण शिक्षा का महत्व बताया जा सके। उन्होंने संस्थान द्वारा किए जा रहे शोध कार्यों पर भी प्रकाश डाला। संरक्षण शिक्षा विशेषज्ञ जमुना प्रसाद तिवारी ने कहा कि संस्थान जैव विविधता संरक्षण हेतु सराहनीय कार्य कर रहा है। संरक्षण कार्य में विद्यार्थियों के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को जोड़ा जा सकता है। डॉक्टर के चंद्रशेखर ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद अदा किया तथा बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी डी एल आर्या के सहयोग से इस सेमिनार को संपन्न कराना संभव हो पाया। इस वेबिनार में द्वाराहाट विकासखंड के प्रत्येक विद्यालय के 5 विद्यार्थियों व एक शिक्षक एवं प्रधानाचार्य ने प्रतिभाग किया।सभी ने संरक्षण कार्यों में सहयोग करने का संकल्प लिया। वेबीनार में डॉ विक्रम नेगी, डॉ सुबोध ऐरी, डॉ बीना पांडे, दीप तिवारी, अजय नेगी आदि उपस्थित रहे।

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