अश्वमेघ यज्ञ स्थल को विकसित करने के लिए पर्यटन सचिव ने किया स्थलीय निरीक्षण

Ad
ख़बर शेयर करें

देहरादून। नैसर्गिक सौंदर्य से परिपूर्ण उत्तराखंड में पर्यटकों को लुभाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसके तहत नए पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है। इनसे न केवल प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि स्थानीय व्यक्तियों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित होंगे। जिसको ध्यान में रहते हुए शनिवार को विकासनगर के डाकपत्थर अश्वमेघ यज्ञ स्थल को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए पर्यटन सचिव श्री दिलीप जावलकर ने स्थलीय निरीक्षण किया।

पर्यटन को आर्थिकी का अहम जरिया बनाने के साथ ही पुराने पर्यटक स्थलों पर दबाव कम करने के उद्देश्य से सरकार नए पर्यटक स्थलों को विकसित करने का काम कर रही है।

यह भी पढ़ें -  बड़ी खबर- केदारनाथ में बिछड़ गई छह वर्षीय नन्हीं आव्या को उनके परिजनों से पुलिस ने मिलाया

पर्यटन सचिव श्री दिलीप जावलकर ने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए देहरादून-कालसी मोटर मार्ग से अंदर लगभग 12 सौ मीटर सड़क का सुधारीकरण व  चौड़ीकरण का कार्य किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि 1.5 किलोमीटर की एक नई सड़क जिसमें एक पुलिया, पार्किंग व साइनऐज लगभग 2 करोड़ रूपये की लागत से बनाया जाना है। जिसका प्रस्ताव सचिव लोक निर्माण विभाग को प्रेषित किया गया है।

यह भी पढ़ें -  इग्नू की टर्म एंड परीक्षा के लिए अपलोड कर सकते हैं हॉल टिकट, 4 मार्च से 11 अप्रैल तक जारी रहेंगी परीक्षाएं

पर्यटन सचिव ने बताया कि डाकपत्थर में गरूड़ अवश्वमेघ को प्रतिबिंबित करते हुए एक इंटीग्रेटेड एंटर फेडरेशन सेंटर बनाने के लिए भूमि की तलाश की जायेगी। जिसमें यमुना वैली के पूरे सर्किट का म्यूजियम बनाया जायेगा। इस दौरान पर्यटन सचिव द्वारा डाकपत्थर पर्यटक आवास गृह का भी निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान पूर्व सांसद तरुण विजय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकारी व जिला पर्यटन अधिकारी देहरादून जसपाल चौहान भी मौजूद रहे।

Ad

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 वॉट्स्ऐप पर समाचार ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज लाइक-फॉलो करें

👉 हमारे मोबाइल न० 9410965622 को अपने ग्रुप में जोड़ कर आप भी पा सकते है ताज़ा खबरों का लाभ

👉 विज्ञापन लगवाने के लिए संपर्क करें

Leave a Reply

Your email address will not be published.

You cannot copy content of this page