आध्यात्मिक-जानिए हनुमान जी के बारह नाम व उनके अर्थ का महत्व-प्रो ललित तिवारी

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हनुमान जी सुख शांति बल भक्ति समर्पण के दाता है जय हनुमान ज्ञान गुण सागर ।इस वर्ष हनुमान जन्मोत्सव 16अप्रैल को मनाया जायेगा वैसे हनुमान जन्मोत्सव चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. तथा माना जाता है कि इस दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था. मान्यता है कि इस दिन भगवान हनुमान की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इसके अलावा शनि की साढ़े साती से पीड़ित लोगों को भी राहत मिलती है. पुराण कहते है कि शनि देव, भगवान हनुमान के भक्तों को परेशान नहीं करते हैं. इस बार हनुमान जन्मोत्सव शनिवार को पड़ रहा है इसलिए इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है. हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर आप शनि दोष से निजात पाने के लिए उपाय भी कर सकते हैं. वैसे हनुमान जी के 108 नाम है किंतु उनके बारह नाम तथा उनके अर्थ उनके महत्व को बताते है
हनुमान – जिनकी ठोड़ी टूटी हो
रामेष्ट – श्री राम भगवान के भक्त
उधिकर्मण – उद्धार करने वाले
अंजनीसुत – अंजनी के पुत्र
फाल्गुनसखा – फाल्गुन अर्थात् अर्जुन के सखा
सीतासोकविनाशक – देवी सीता के शोक का विनाश करने वाले
वायुपुत्र – हवा के पुत्र
पिंगाक्ष – भूरी आँखों वाले
लक्ष्मण प्राणदाता – लक्ष्मण के प्राण बचाने वाले
महाबली – बहुत शक्तिशाली
अमित विक्रम – अत्यन्त वीरपुरुष
दशग्रीव दर्प: – रावण के घमंड को दूर करने वाले और सूर्य जैसे देवों ने भी उन्हें प्रसन्न हो कर कई शक्तियों का वरदान दिया है। ब्रह्मदेव ने हनुमान जी को तीन वरदान दिए थे, जिनमें एक वरदान ऐसा भी था, जिसमें ब्रह्मास्त्र का असर भी उन पर नहीं होना शामिल है। हनुमान जी के पास ऐसी चमत्कारिक शक्तियां हैं कि वे चिटी के से छोटा और हिमालय से भी बड़ा रूप धारण कर सकते हैं।संस्कृत में हनुमान जी के हर एक नाम का मतबल उनके जीवन के रहस्यों का सार बताता है। यही कारण है कि उनके नाम का जाप करने भर से हनुमत कृपा मिलती है।गोस्वामी तुलसीदास के शब्दों में —

“श्री गुरु चरण सरोज रज,निज मन मुकुर सुधारि,

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वरनऊ रघुवर विमल जश जो दायक फल चारि “

अर्थात इसके जाप करने से चारों फल धर्म ,अर्थ ,काम और मोक्ष प्राप्त होते हैं .उनमें सौ हाथियों के बराबर बल था। और भीम का अभिमान तोड़ने के लिए श्री कृष्ण ने हनुमानजी को भेजा । यदि हनुमान जी आप से प्रसन्न हैं. तो आप झूठ नहीं बोलते, सबसे प्रेम भाव रखते हैं, दोस्तों और परिवार क साथ आप किसी विवाद में नहीं उलझते तो यह हनुमान जी की कृपा होने का संकेत है. हनुमान जी भय नासक आत्म बल पैदा करने वाले पीड़ा हरने वाले बीमारी हटाने वाले है भक्ति मार्ग के प्रेरक जीवन को खुशाल बनाते है हनुमान जी की उपासना से सुख, शांति, आरोग्य एवं लाभ की प्राप्ति होती है। नकारात्मक शक्तियां का हनुमान जी विनाश करते है हनुमानजी की महिमा और भक्त हितकारी स्वभाव को देखते हुए तुलसीदासजी ने हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा की रचना की थी तथा सकल गुण निधानं’ नाम दिया बजरंगबली उनका प्रिय नाम है
ईश्वर के समस्त रूप आप में समाए हुए है आप अजर अमर है ।नासै रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा।। हनुमान जी को प्रणाम है एवम समस्त मानव जाति को हनुमान जन्मोत्सव की बधाई है।

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