शहरी विकास विभाग को सभी शहरी निकायों का मास्टर प्लान तैयार किए जाने के दिए निर्देश- मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत

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मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में ईज ऑफ डुईंग बिजनेस के अंतर्गत सकल राज्य घरेलु उत्पाद का अतिरिक्त 2 प्रतिशत ऋण (लगभग रू0 4800 करोड़) का लाभ लिये जाने के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
      मुख्यमंत्री ने ईज ऑफ डुईंग बिजनेस के अंतर्गत सकल राज्य घरेलु उत्पाद का अतिरिक्त 2 प्रतिशत ऋण सुविधा का लाभ लिए जाने हेतु अपेक्षित सुधारों को शॉर्ट टर्म और लोंग टर्म के अनुसार बांटते हुए शॉर्ट टर्म सुधारों को इस वित्तीय वर्ष से पूर्व पूर्ण् किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्योग, राजस्व विभाग, शहरी विकास, पंजीकरण विभाग, वित्त विभाग, श्रम विभाग, वन विभाग, खनन विभाग, खाद्य आपूर्ति आदि विभागों को तेजी से ईज ऑफ डुईंग बिजनेस में किये जाने वाले अपेक्षित सुधारों को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य को जीएसडीपी का अतिरिक्त 02 प्रतिशत ऋण सुविधा का लाभ मिल सकेगा। इस सम्बन्ध में विभिन्न विभागों के स्तर पर जो सुधार किये जाने हैं, उन्हें अविलम्ब पूरा करें। उन्होंने वन नेशन वन राशन कार्ड में फेयर प्राईस शॉप के डिजिटाईजेशन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
          मुख्यमंत्री ने शहरी विकास विभाग को सभी शहरी निकायों का मास्टर प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रोपर्टी टैक्स हेतु ऑनलाइन पेमेन्ट सिस्टम को शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सीडा (SIDA), आवास और जिला विकास अथॉरिटी को सिंगल विंडो में इंटीग्रेटेड पेमेन्ट शुरू किए जाने के कार्य मे तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरी विकास को ऑटोमैटिक म्यूटेशन सॉफ्टवेयर एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को पिछले 20 साल का रिकॉर्ड ऑनलाइन किए जाने पर तेजी से कार्य किए जाने के निर्देश भी दिए।
         मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने टेंडरिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने वित्त विभाग को स्वतंत्र शिकायत निवारण तंत्र प्रणाली (इंडीपेंडेंट ग्रीवांस रिड्रेसल मैकेनिज्म) विकसित किए जाने सहित विभिन्न बिन्दुओं पर सम्बन्धित विभागों को निर्धारित टाइमलाइन देते हुए अपेक्षित सुधारों को पूरा करने के निर्देश दिए। ऑनलाइन पोर्टल पर तीव्र भुगतान, शहरी निकायों में सुधारीकरण, नवीनीकरण की आवश्यकता की समाप्ति अथवा अपेक्षित सुधार तथा जनपद स्तर पर ईज ऑफ डुईंग बिजनेस से सम्बन्धित सुधारों के सम्बन्ध में भी सम्बन्धित विभागों को तेजी से सुधार पूरा करते हुए निर्धारित समयसीमा के अन्दर कार्य पूर्ण किए जाने की बात कही।
       मुख्य सचिव ने कहा कि रजिस्ट्रेशन विभाग को पिछले 20 साल का रिकॉर्ड ऑनलाईन किए जाने के लिए नेशनल लेवल एजेन्सी हायर की जाए ताकि निर्धारित समय सीमा के अन्दर कार्य पूर्ण किया जा सके। उन्होंने पॉलिसी अमेन्डमेंड से पहले आमजन की राय लेने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि किसी भी पॉलिसी में सुधार से पहले आमजन की राय लेने हेतु इसे पब्लिक डोमेन में डाला जाना एक अच्छा कदम होगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि सकल राज्य घरेलु उत्पाद का अतिरिक्त 2 प्रतिशत ऋण सुविधा के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा शॉर्ट टर्म वाले सभी सुधार निर्धारित समय सीमा के अन्दर कर लिए जाएंगे। इससे उत्तराखण्ड को ईज ऑफ डुईंग बिजनेस के अंतर्गत सकल राज्य घरेलु उत्पाद का 2 प्रतिशत लगभग 4800 करोड़ में से 4200 करोड़ का ऋण लाभ प्राप्त हो सकेगा।
       बैठक में बताया गया कि ऊर्जा सैक्टर में एग्रीगेट टैक्नीकल एण्ड कमर्शियल लॉस ( AT&C Losses ) एवं एसीआर एंड एआरआर गैप ( ACR & ARR Gap ) को निर्धारित टारगेट से अधिक सुधार किया है। बताया गया कि उत्तराखण्ड राज्य आईपीए रैंकिंग के 08 पिलर्स में 07 में टॉप परफोर्मर रहा है। वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत आधार सीडिंग का कार्य 100 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। फेयर प्राईस शॉप के डिजिटाईजेशन का कार्य 15 फरवरी तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
      इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री ओमप्रकाश, सचिव श्री अमित नेगी, श्री सचिन कुर्वे, श्री हरबंस सिंह चुघ, श्री दिलीप जावलकर, डॉ पंकज कुमार पाण्डेय, श्री सुशील कुमार, प्रभारी सचिव विनोद सुमन आदि सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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