उत्तराखंड हाइकोर्ट ने रुड़की की महिला जज को मैसेज व फोन करने वाले आरोपी लक्सर बार एसोसिएशन के सचिव नवनीत तोमर को दी जमानत

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नैनीताल । उत्तराखंड हाइकोर्ट ने रुड़की की महिला जज को मैसेज व फोन करने वाले आरोपी लक्सर बार एसोसिएशन के सचिव नवनीत तोमर को जमानत दे दी है। मामले की सुनवाई न्यायमुर्ति आरसी खुल्बे की एकलपीठ में हुई।
मामले के अनुसार जज फैमिली कोर्ट लक्सर ने 10 जून 2021 को लक्सर थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि बार एसोसिएशन लक्सर के सचिव नवनीत तोमर उन्हें बार बार फोन व मैसेज कर रहे हैं । उनके नम्बर ब्लॉक किये जाने के बाद वे दूसरे नम्बरों से उनको फोन करते हैं । नवनीत तोमर ने उनके साथ एक समारोह में फोटो खींची जिन्हें उन्होंने प्रिंट कराकर बुके व गिफ्ट के साथ उनके घर भेजने की कोशिश की । वे एक दिन घर भी आ गए । जहां उनके पति ने रोका । इसके अलावा स्टाफ द्वारा रोके जाने के बावजूद वे कोर्ट परिसर में स्थित उनके चेम्बर में भी आ रहे हैं । इस प्राथमिकी के बाद पुलिस ने आरोपी अधिवक्ता नवनीत तोमर के खिलाफ आई पी सी की धारा 354ए,354 बी,353,452,506,509 के तहत मुकदमा दर्ज किया ।
पूर्व में नवनीत तोमर ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने हेतु हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि वे बार एसोसिएशन के सचिव हैं और इसी हैसियत से उन्होंने फैमिली कोर्ट की जज को फोटोग्राफ व बुके देने का प्रयास किया और उनके चेम्बर व घर मिलने गए ।साथ ही फोन व मैसेज किये । इस याचिका को कोर्ट ने पहले ही निरस्त कर दिया था और कोर्ट ने उनके व्हाट्सअप मेसेजों का स्वतः संज्ञान लेकर उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना याचिका भी दायर कराई थी। जिसे आज हाईकोर्ट से जमानत मिल गई ।

उत्तराखण्ड हाई कोर्ट ने बद्रीनाथ हेलीसेवा के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया के मामले में सुनवाई के बाद सरकार से टेंडर प्रक्रिया में शामिल लोगों का स्टेटस दो दिन के भीतर कोर्ट को दे जानकारी

नैनीताल । उत्तराखण्ड हाई कोर्ट ने बद्रीनाथ हेलीसेवा के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया के मामले में सुनवाई के बाद सरकार से टेंडर प्रक्रिया में शामिल लोगों का स्टेटस दो दिन के भीतर कोर्ट को बताने को कहा है । मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में हुई । मामले की अगली सुनवाई की तिथि 6 जनवरी की नियत की है। मामले के अनुसार हैरिटेज एविएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि राज्य सरकार ने बद्रीनाथ के लिए हेली सेवा का टेंडर निकाला गया है। उन्होंने भी इस टेंडर प्रक्रिया में प्रतिभाग किया था परन्तु उनका टेंडर इस आधार पर निरस्त कर दिया था कि उनका डियूज क्लियर नही था। याचिकर्ता का यह भी कहना है बांकी लोगों के भी डियूज क्लियर नहीं है किन्तु उन्हें टेंडर प्रक्रिया में शामिल किया गया। टेंडर नियमावली में स्पष्ट लिखा है कि टेंडर में वे ही लोग शामिल होंगे जिनके डियूज क्लियर होंगे अन्यथा उनको टेंडर में शामिल नहीं किया जाएगा।

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