नैनीताल की राहों पर आस्था का रेला, पुष्पवर्षा के बीच निकला मां का डोला
नैनीताल से संध्या शर्मा की रिपोर्ट
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में चल रहे ऐतिहासिक मां नंदा-सुनंदा महोत्सव के दौरान बुधवार को मां नंदा-सुनंदा का डोला पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक श्रद्धा के साथ नगर भ्रमण पर निकला। डोले के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे मार्ग में ‘जय मां नंदा-सुनंदा’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
डोले के नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर मां नंदा-सुनंदा का स्वागत किया। श्रद्धालु मां के दर्शन और आशीर्वाद के लिए घंटों तक कतार में खड़े रहे। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों में भी विशेष उत्साह देखने को मिला।
महोत्सव के अवसर पर नगर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारों का आयोजन किया गया। भंडारों में प्रसाद ग्रहण करने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी। स्थानीय लोगों के साथ ही दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भागीदारी की।
डोले के साथ पारंपरिक वाद्य यंत्रों और धार्मिक धुनों ने माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया। नगर की सड़कों और बाजारों में जगह-जगह श्रद्धालु मां नंदा-सुनंदा के दर्शन के लिए खड़े नजर आए।
मां नंदा-सुनंदा को कुमाऊं की आराध्य देवियों के रूप में विशेष श्रद्धा प्राप्त है। नंदा महोत्सव नैनीताल की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है। डोले के नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धा, आस्था और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
महोत्सव को लेकर नगर में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है और श्रद्धालुओं में मां नंदा-सुनंदा के प्रति गहरी आस्था दिखाई दे रही है।


