(बड़ी खबर)-18 जून से ठंडी सड़क पर बह रहा सीवर का पानी, नैनीझील के अस्तित्व पर मंडरा रहा खतरा, देखिये पूरी वीडियो….
रिपोर्ट: संध्या शर्मा, नैनीताल
नैनीताल, 19 जून। विश्व प्रसिद्ध नैनीझील एक बार फिर प्रदूषण के गंभीर खतरे का सामना कर रही है। शहर के ठंडी सड़क क्षेत्र में 18 जून से लगातार कथित तौर पर सीवर मिश्रित पानी सड़क पर बहता हुआ सीधे नैनीझील में समा रहा है।
मौके से सामने आई तस्वीरों और वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि सड़क किनारे बह रहा गंदा पानी झील में मिल रहा है। वहीं झील के किनारे प्लास्टिक कचरे के बीच एक मृत मछली मिलने से स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
पिछले दो दिनों से लगातार यह समस्या बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन इसी मार्ग से प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और हजारों पर्यटक गुजरते हैं, इसके बावजूद झील को प्रदूषण से बचाने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
नैनीझील न केवल नैनीताल की पहचान है, बल्कि पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरणीय संतुलन का भी प्रमुख आधार है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बिना उपचारित सीवर का पानी लगातार झील में जाता रहा, तो इससे जल गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, घुलित ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है और जलीय जीवों के जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, जल संस्थान, जल निगम, नगर पालिका परिषद और उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से तत्काल जांच कर सीवर रिसाव के स्रोत की पहचान करने, पानी के नमूनों की प्रयोगशाला जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रमुख मांगें:
ठंडी सड़क क्षेत्र में बह रहे पानी की तत्काल जांच कराई जाए।
पानी के नमूनों की लैब रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
सीवर लाइन में रिसाव होने पर तत्काल मरम्मत कराई जाए।
नैनीझील में गिरने वाले सभी नालों का सर्वेक्षण कराया जाए।
झील संरक्षण से जुड़े विभागों की जवाबदेही तय की जाए।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नैनीताल की जीवनरेखा कही जाने वाली नैनीझील में खुलेआम गंदा पानी समा रहा है, तो आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?


