राजकीय महाविद्यालय अगरोड़ा में मनाया गया ‘आजादी के अमृत महोत्सव’

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शहीद श्रीमती हंसा धनाई राजकीय महाविद्यालय अगरोड़ा (धारमंडल) टिहरी गढ़वाल में भारतीय स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० विनोद प्रकाश अग्रवाल द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत को स्वतंत्रता दिलाने वाले आजादी के महान स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करना है। प्रारंभिक सत्र के मुख्य वक्ता वनस्पति विज्ञान के डॉ० भरत गिरी गोसाई ने नमक सत्याग्रह की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर व्याख्यान प्रस्तुत दिया। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक दांडी यात्रा की शुरुआत 12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी के नेतृत्व में 78 स्वयंसेवकों के साथ साबरमती आश्रम से डांडी (गुजरात) के लिए प्रारंभ किया गया था। यह पैदल यात्रा 47 गांवों से गुजरती हुई 390 किलोमीटर की दूरी 24 दिन में पूरी की गई थी। 5 अप्रैल को डांडी पहुंचने के उपरांत गांधीजी ने एक मुठी नमक बनाकर इस कानून को तोड़ा था। मध्य सत्र में राजनीतिक विज्ञान के डॉ० विशन शाह के द्वारा स्वतंत्रता आंदोलन में गांधी युग का योगदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन करते हुए भूगोल विभाग के डॉ० जितेंद्र शाह ने बताया कि नमक सत्याग्रह एक अहिंसात्मक पदयात्रा थी। इस पद यात्रा का मकसद न केवल नमक कानून को तोड़ना था, बल्कि स्वराज्य प्राप्ति के बड़े लक्ष्यों के लिए लोगों को एकजुट करना भी था। इस कार्यक्रम में डॉ० विजयराज उनियाल, डॉ० अजय कुमार, डॉ० प्रमोद सिंह रावत, श्री अमित कुमार सिंह, समस्त कर्मचारी वर्ग तथा छात्र छात्राएं उपस्थित थे।

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