हरेला पर्व की धूम: नैनीताल में सात प्रकार के अनाज बोकर हुई शुरुआत
नैनीताल। सरोवर नगरी में मंगलवार को पारंपरिक लोकपर्व हरेला के साथ हरेला पखवाड़े का शुभारंभ किया गया। लेक सिटी वेलफेयर क्लब ने संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार सात प्रकार के अनाज बोकर हरेला की शुरुआत की। कार्यक्रम में लोक संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम का उद्घाटन कुमाऊं परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत तथा विधायक सरिता आर्या ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद महिलाओं ने पारंपरिक रीति से सूखी मिट्टी में सात प्रकार के अनाज बोए और हरेला पर्व की परंपरा का निर्वहन किया।
मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि हरेला पर्व प्रकृति, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला उत्तराखंड का महत्वपूर्ण लोकपर्व है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने और आने वाली पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का आह्वान किया।
विधायक सरिता आर्या ने कहा कि लेक सिटी वेलफेयर क्लब पिछले 17 वर्षों से हरेला पर्व का आयोजन कर कुमाऊं की लोक संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का सराहनीय कार्य कर रहा है। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने क्लब की सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए ऐसे आयोजनों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम के दौरान क्लब की महिलाओं ने पारंपरिक कुमाऊंनी झोड़े और लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। “खोल दे माता खोल भवानी, धार में किवाड़ा” और “दैणा होया खोली का गणेशा” जैसे लोकगीतों पर प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम संयोजक गीता साह ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। क्लब की सचिव एवं हरेला कार्यक्रम की संयोजक डॉ. प्रगति जैन ने बताया कि हरेला पखवाड़े के अंतर्गत 19 जुलाई को कुमाऊंनी नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
इस अवसर पर क्लब की अध्यक्ष कविता त्रिपाठी सचिव डॉ. प्रगति जैन कार्यक्रम संयोजक गीता साह, क्लब के पदाधिकारी, सदस्य एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


