जीआईएम परिसर में अटल इन्क्यूबेशन सेंटर के नए परिसर का हुआ उद्घाटन

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देहरादून- गोवा के मुख्यमंत्री माननीय प्रमोद सावंत जी ने अटल इन्क्यूबेशन सेंटर के नए परिसर का उद्घाटन गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के परिसर में किया और साथ ही साथ राज्य में व्यवसायों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एआईसीजीआईएम के चार प्रमुख उपक्रमों का अनावरण किया। इस नए इनक्यूबेशन सेंटरके माध्यमसे ’गोवा इन्वेस्ट-ए-थोन’ आयोजित होगा। इस उपक्रम के माध्यम से गोव स्थित स्टार्ट अप्स और उनके फाउंडर्स को इन्व्हेस्टर्स की सुविधा प्राप्त होने वाली है ।

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत जी से उद्घाटीत कार्यक्रमों मे, उनमें ’आईमॅजिक’ भी शामिल है जो गोवा में उद्योग से जुडी प्रतिभा को पहचानने में मदद करेगा और उद्योग संस्कृती को बढ़ावा देने के लिए ज्ञान और मेंटर्स तक पहुंच प्रदान करके इस प्रतिभा हो कायम रखेगा।

(एस 4 एस) 3 ’एक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य स्टार्टअप को टिकाऊ, स्केलेबल बनाना और स्टार्टअप को सामाजिक प्रभाव प्राप्त करने की सहायता प्रदान करना है। एआईसी-जीआईएम में २१ ऐसे स्टार्टअप शुरू किए जाने की उम्मीद है, जो एआईसीजीआईएम इनक्यूबेटर द्वारा आवश्यक मूल्य वर्धित सेवाएं प्राप्त करेंगे। ’वी-नर्चर’ कार्यक्रम का उद्देश्य कॉरपोरेट भागीदारों और ’रिवेर’ की मदद से महिला उद्योजकों को बढावा देना है। एक साल की कालावधी मे घर पे रेहके स्टार्टअप बनाने और उन्हें स्केलेबल फ्यूचर बनाने के लिए ये उपक्रम है।

इस अवसर पर बोलते हुए, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा, गोवा स्टार्टअप के लिए एक पसंदीदा स्थान बनने के रास्ते पर है । और एआईसी-जीआईएम युवा पुरुषों और महिलाओं के लिए वैकल्पिक कैरियर विकल्प के रूप में उद्योगशीलता को प्रोत्साहित करने और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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उन्होंने कहा, ’यह जानना गौरवास्पद है कि कई स्टार्टअप इस एआईसीजीआईएम केंद्र से लाभान्वित हुए हैं और हमे ऐसा करना जारी रखेंगे। उच्च शिक्षा में जीआईएम के प्रयासों और राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम में योगदान ने साखळी और पूरे गोवा को गौरवान्वित किया है। मैं जीआईएम से अपील करता हूं कि वह हमारे ज्ञान और विशेषज्ञता को साझा करने के लिए ,हमारी मदद करने के लिए एक आत्मनिर्भर भारत और स्वयंपूर्ण गोवा को एक वास्तविकता बनाने के लिए जारी रखें। ”

गोवा में स्टार्टअप को सक्षम बनाने और बढ़ावा देने के दोहरे उद्देश्य को पूरा करने के लिए ’गोवा इन्व्हेस्ट-ए-थॉन की कल्पना की गई है। जो गोवन स्टार्ट-अप निवेश में १ करोड़ की निधी प्राप्त करने के इच्छुक है, उनके के लिए पात्र हैं।

एआईसी-जीआईएम प्रमुख भारतीय स्टार्टअप स्टार्टअप फर्मों और देश के शीर्षदूत निवेशकों के साथ मिलकर निवेश कर रहा है। उद्घाटन के दिन आयोजित बहुप्रतीक्षित ’स्टार्टअप पिच’ कार्यक्रम के लिए सिंडिकेटेड निवेश फंड मौजूद थे।

इनवेस्टमेंट गोवा में स्टार्टअप इकोसिस्टम के बारे में उच्च नेटवर्थ व्यक्तियों (एचएनआई) और निवेशकों को संवेदनशील और शिक्षित करने और राज्य को निवेशकों को आकर्षित करने के लिए आठ सप्ताह के कार्यक्रम को भी शामिल करेगा।

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श्री जोशीजी के अनुसार, गोवा देश में सबसे अच्छे स्टार्टअप डेस्टिनेशन के रूप में उभर सकता है। ’गोवा में उद्योगशीलता को प्रोत्साहित करने के अलावा, गोवा के प्रमुख स्टार्टअप निवेशकों को आकर्षित करना महत्वपूर्ण है। यह भी महत्वपूर्ण है कि हम एक स्थानीय निवेशक नेटवर्क विकसित करें। हम जीएआईएन (गोवा एंजेल इन्वेस्टर नेटवर्क) के साथ जीएआईएन एक व्यवहार्य स्टार्टअप जीओसिस्टम का निर्माण करना चाहते है

जीआईएमके संचालक अजित परुलेकर ने कहा, “एआईसीजीआईएम ने अपनी स्थापना के बाद होनहार उद्योग के विकास के लिए एक सक्रिय ज्ञान और संसाधन उत्प्रेरक के रूप में काम किया है और बाजार की सफलता के लिए प्रारंभिक चरण के संगठनों के विकास जरुरी है गोवा में एक प्रगतिशील स्टार्टअप नीति है। राज्य एक आदर्श स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए आवश्यक सभी तत्वों को प्रदान करता है। उन्होंने कहा, इनक्युबेशन सेंटरमें राजेश जोशी जी की मदत से गोवा में स्टार्ट-अप समुदाय के लिए बहुत जरूरी प्रोत्साहन की पेशकश करने के लिए तैयार हैं।

इस कार्यक्रम में जीआईएम बोर्ड और सोसाइटी के सदस्य, पीटर डीश्लिमा, शिवानंद और स्वाति सालगावकर, डीन मिनेझीस अन्य शामिल थे। इसके अलावा नितीआयोगके निवेशक और सदस्य भी मौजूद थे।

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