अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर खुशनुमा परवीन ने अपनी स्वरचित कविता के माध्यम से कहा- “आज की नारी सब में भारी”

Ad
ख़बर शेयर करें

आज की नारी सब में भारी, आज की नारी सब में भारी,

ओलंपिक में जीती भारतीय नारी,

पुरुषों को छोड़ा पीछे दिखाया अपना दम,

भारतीय नारी को न समझो किसी से कम,

आज की नारी सब में भारी,

नारीयों की शक्ति से चमकता देश हमारा,

यह भी पढ़ें -  रंगों के इस त्यौहार होली के साथ बदलेगा मौसम का मिजाज, कैसा रहेगा मौसम

अब इससे बड़ा सौभाग्य क्या होगा हमारा,

आज की नारी सब में भारी,

नारी है तो परिवार है, नारी है तो देश है,

नारीयों के जज्बे से जगमगाता पूरा देश है,

लहू में कतरा-कतरा जोश का दौड़ता है,

यह भी पढ़ें -  प्रीतम को लेकर कांग्रेस असमंजस में

यह भारतीय नारी है जनाब हार कहा मानती है,

आज की नारी सब में भारी,

गया अब वह दौर जब नारी को अछूत माना जाता था,

यह नया भारत है जनाब, यहां नारी को कल का भविष्य माना जाता है।

Ad
Ad
Ad

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 वॉट्स्ऐप पर समाचार ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज लाइक-फॉलो करें

👉 हमारे मोबाइल न० 9410965622 को अपने ग्रुप में जोड़ कर आप भी पा सकते है ताज़ा खबरों का लाभ

👉 विज्ञापन लगवाने के लिए संपर्क करें

Leave a Reply

Your email address will not be published.

You cannot copy content of this page