श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने आयोजित किया प्रथम दिव्यांगजन सशाक्तिकरण पुरस्कार-2023

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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 एन0के0 जोशी द्वारा की गयी नयी पहल पुरस्कार से नवाजे 34 राष्ट्रीय अर्न्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त दिव्यांगजन छात्र-छात्राएं।
दिव्यांग चैम्पियनों ने सुनाये अपने-अपने संस्मरण
दिन मंगलवार 18 जुलाई को श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय द्वारा नवाचार के तहत प्रथम दिव्यांगजन सशाक्तिकरण पुरस्कार/सम्मान समारोह राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशाक्तिकरण संस्थान देहरादून में आयोजित किया गया। जिसमें अर्न्तराष्ट्रीय व राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त दिव्यांग छात्र-छात्राओं को पुरस्कार स्वरूप ट्रॉफी प्रदान की गयी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 एन0के0जोशी ने कहा कि दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए विश्वविद्यालय सदैव प्रयासरत है तथा उनके बेहतर जीवन के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम व नये पाठ्यक्रमों को सृजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशाक्तिकरण संस्थान देहरादून में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो0 जोशी ने प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को रोजगार व स्वरोजगार के साथ ही कौशल विकास से सम्बन्धी जानकारी उपलबध कराते हुए उन्होने कहा कि दिव्यांगजनों ने अर्न्तराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर बडे आयाम स्थापित किये हैं। उन्होनें खेल, कला एवं साहित्य तथा शिक्षा क्षेत्रों में विलक्षण कार्य करने वाले 34 मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। जिन्होनें विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्रीय एवं अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर अपने हुनर का प्रदर्शन कर ख्याति प्राप्त की है तथा राज्य व देश का मान बढ़ाया है।
श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय ने दिव्यांग बच्चों के सशाक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए उन्हे शिक्षा प्रदान करने, कौशल विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनाने, स्वरोजगार में सक्षम बनाने हेतु राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशाक्तिकरण संस्थान देहरादून को सम्बद्धता प्रदान की है। इसी के तहत विश्वविद्यालय ने दिव्यांग बच्चों को प्रोत्साहित करने हेतु उन्हे विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत किया। कुलपति प्रो0 एन0के0 जोशी ने बताया कि जिस क्षेत्र में बच्चे की प्रतिभा दिखे उन्हें पूर्ण रूप से विकसित करने में सहयोग दिया जा रहा है। बहुत से विद्यार्थी अपने कौशल एवं लगन से कई प्रतियोगिताएं जीत चुके हैं तथा कई विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते हुए देश की सेवा में अपना योगदान दे रहे हैं।
राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशाक्तिकरण संस्थान, देहरादून, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय का मान्यता प्राप्त संस्थान है जिसमें इंटीग्रटेड एम0एस0सी0 एप्लाइड मनोविज्ञान, एम0फिल0 नैदानिक मनोविज्ञान, एम0फिल0 पुर्नवास मनोविज्ञान, एम0ए0 सामाजिक कार्य-विकलांगता अध्ययन, बी0एड0 विशेष शिक्षा (एकाधिक विकलांगता), बी0एड0 विशेष शिक्षा (बधिर अंधता), पुर्नवास मनोविज्ञान में स्नातकोत्तर डिप्लोमा, बी0एड0 विशेष शिक्षा (दृष्टि बाधिता) तथा एम0एड0 विशेष शिक्षा (दृष्टिबाधिता) पाठ्यक्रम संचालित हैं। उक्त संस्थान 07 राष्ट्रीय संस्थानों में से एक है जो कि मानव संसाधन विकास गतिविधियों के अतिरिक्त दिव्यांगता के मुददो का प्रमुख अनुसंधान निकाय है तथा दिव्यांगजों के लिए समान अवसर की सुविधा प्रदान करने वाली तकनीकों एवं प्रौद्योगिकी में योगदान देता है। उक्त संस्थान का मंतव्य यह है कि दृृष्टि दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के प्रति समाज के दृष्टिकोण में बदलाव आये और वे भी राष्ट्र निर्माण में उत्पादक और रचनात्मक भूमिका निभा सकें।
पुरस्कृत होने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं में
शिवम सिंह नेगी, सेफाली रावत, अक्षरा राणा ने अर्न्तराष्ट्रीय नेत्रहीन फुटबाल टीम में प्रतिभाग किया गया।
मधुर पंवार, श्रद्धा यादव, तनुजा, दीपांशु पालीवाला, तुषार, देवराज, निखिल, शान्ति, सोनाली, अभिषेक सिंह, सुमित नेगी ने राष्ट्रीय नेत्रहीन फुटबाल टीम में प्रतिभाग किया गया।
दीपक रावत, फहीम, कुष्णकांत, सुन्दर सिंह, हितेन शर्मा, गौरव भट्ट, प्रियांशी, आयुष सक्सेना, अश्विनी शाह ने राष्ट्रीय नेत्रहीन क्रिकेट में प्रतिभाग किया गया। कुशपाल सिंह, सोहन सिंह, हर्ष हरितास एवं कनक खण्डूडी ने कला एंव साहित्य के क्षेत्र में उत्तराखंड राज्य का चेन्नई में प्रतिनिधित्व किया गया। बबीता एवं कृतिका गुगनानी ने एम0एड0(स्पेशल) में प्रथम स्थान हासिल किया।
फाल्गुनी वर्मा ने एम0फिल0(क्लीनिकल साइकोलॉजी) में प्रथम स्थान हासिल किया। सौरभ एवं अविरल जैन ने राष्ट्रीय पैरा एथलीट में प्रतिभाग किया गया। ओम्कार यादव ने राष्ट्रीय जुड़ो प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया गया। तमरीना ने राष्ट्र में व्यावसायिक मनोविज्ञान कार्यक्रम में प्रथम दृृष्टि बाधित के रूप में प्रतिभाग किया गया। इस अवसर पर डॉ0 सुरेन्द्र ढ़ालवाल व सुनन्दा राणा द्वारा रचित पुस्तक (From Grief to Growth) का विमोचन करते हुए प्रो0 जोशी ने कहा कि पुस्तक मनोविज्ञान के छात्रों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी। कार्यक्रम में संस्थान के कार्यकारी निदेशक इंजिनियर मनीष वर्मा, पूर्व निदेशक प्रो0 हिमांग्शू दास, डॉ0 सुरेन्द्र ढ़ालवाल, डॉ0 विनोद केन, श्री सुनील शिवपुरकर, डॉ0 पंकज के अतिरिक्त विश्वविद्यालय के मान्यता प्र0 सुनील नौटियाल, वरूण डोभाल, कुलदीप सिंह सहित प्रिन्ट एंव इलैक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्राकार व छायाकार गण एवं कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस सफल कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के सहायक परीक्षा नियंत्रक डॉ0 हेमन्त बिष्ट द्वारा किया गया।

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