परीक्षा को लेकर विश्वविद्यालय में हुई अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक

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सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा में परीक्षा नियंत्रक प्रो सुशील कुमार जोशी की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय के परीक्षा के संबंध में एक बैठक आयोजित हुई।
विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2022-23 से पहली बार नवीन शिक्षा नीति के अंतर्गत स्नातक पाठ्यक्रमों के नवीन प्रवेश संचालित हो रहे हैं। विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालय और सम्बद्ध महाविद्यालय के सीमित संसाधनों के आलोक में विगत वर्ष तक जारी पुराने स्नातक अध्यादेशों के अंतर्गत प्रवेश लिए हुए विद्यार्थीगण यथासंभव समय से परीक्षाओं में सम्मिलित होकर गुणवत्ता के साथ उपाधि प्राप्त कर सकें। यसी उद्देश्य से संस्था के और विद्यार्थियों के हित में विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक पुराने पाठ्यक्रम के प्रोन्नति नियमों में संशोधन किया गया है।

कोई विद्यार्थी जो सत्र 2021-22 की स्नातक प्रथम/ तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाओं में सम्मिलित हुए है , को द्वितीय/चतुर्थ सेमेस्टर में समस्या में सशर्त प्रोन्नत कर दिया जाएगा ताकि वह द्वितीय / तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाओं में प्रतिभाग कर सके परंतु इस प्रकार प्रोन्नत होने से उसका पूर्ववर्ती सेमेस्टर के प्रश्न पत्रों में अर्जित परीक्षा फल अप्रभावित तथा यथावत रहेगा।

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सत्र 2021 22 में स्नातक प्रथम सेमेस्टर/तृतीय सेमेस्टर में परीक्षा में सम्मिलित हुए परीक्षार्थी का उसके अगले सम सेमेस्टर (द्वितीय/चतुर्थ) की परीक्षाओं के उपरांत संयुक्त परीक्षा फल उस स्थिति में उत्तीर्ण किया जाएगा जहां दोनों सेमेस्टर (प्रथम और द्वितीय अथवा तृतीय और चतुर्थ) विषय में निर्धारित न्यूनतम से अधिक प्राप्तांक अर्जित किए हों,अथवा अनुत्तीर्ण अंकित किया जाएगा जहां उसने दोनों संबंधित सेमेस्टर ( प्रथम और द्वितीय अथवा तृतीय और चतुर्थ) के किसी एक अथवा अधिक विषय में हैं न्यूनतम से कम प्राप्तांक अर्जित किए हों।
पूर्णतः उत्तीर्ण परीक्षार्थियों के अतिरिक्त सम से विषम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु (तृतीय/ पंचम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु)ऐसा अभ्यर्थी भी अर्ह होगा जिसके सम सेमेस्टर के संयुक्त परीक्षाफल ,(प्रथम और द्वितीय अथवा तृतीय और चतुर्थ)के अंतर्गत परीक्षार्थी में कुल प्रश्नपत्रों के दो तिहाई प्रश्न पत्रों में निर्धारित न्यूनतम से अधिक प्राप्तांक अर्जित किए हों।
सत्र: 2021-22 के पुराने पाठ्यक्रम के स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में अनुत्तीर्ण/असम्मिलित किसी विद्यार्थी यदि इच्छुक हो,को वर्ष 2022-23 से आरंभ किए जा रहे नवीन शिक्षा नीति के नवीन स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश का अवसर सीटों के अवशेष रहने पर उपलब्ध रहेगा।।

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कुलपति प्रो नरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि नवीन शिक्षा नीति 2020 के तहत अध्ययन-अध्यापन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा पूर्ण तैयारियां कर ली गयी हैं। विश्वविद्यालय के अधिकारी/शिक्षकों के प्रयासों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए सभी को निर्देशित किया गया है।
बैठक में संकायाध्यक्ष कला प्रो जगत सिंह बिष्ट, संकायाध्यक्ष विज्ञान प्रो जया उप्रेती, संकायाध्यक्ष विधि प्रो.जे. एस. बिष्ट, संकायाध्यक्ष वाणिज्य प्रो एम एम जिन्नाह, संकायाध्यक्ष दृश्यकला प्रो सोनू द्विवेदी, सह परीक्षा नियंत्रक डॉ भाष्कर चौधरी,सह परीक्षा नियंत्रक डॉ मुकेश सामंत, श्री कैलाश छिमवाल (सहायक, कुलसचिव) उपस्थित रहे।

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