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अक्षय तृतीया पर विशेष,,, अक्षय का अर्थ होता है जो कभी क्षय न हो,जिसका नाश न हो, जो नष्ट न हो, इस दिन स्वर्ण आभूषण गहने आदि बनवाने को शुभ माना जाता है,दान पुण्य की बात करैं तो दान पुण्य का महा पर्व ही इस दिन को माना जाता है, दान की शुरुआत इसी दिन से हुई थी, वैसाख मास की शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि को यह यह पर्व प्रतिवर्ष मनाया जाता है, इस वर्ष यह पर्व 14 म ई 2021 यानी शुक्र वार को मनाया जायेगा, भविष्य पुराण में ऐसा कहा गया है कि- यत् किंचित् जीते दानं स्वल्प वा यदि वा बहु, तत् सर्व मक्षयं तस्मात्प्रणम्य तैनेयमक्षया स्मृता, अर्थात इस पर्व पर में थोड़ा बहुत जितना हो सके वह दान अक्षय फल देताहै,मान्यता है कि इस दिन बिना पंचाग देखे ही कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है, वही जब अक्षय तृतीया के दिन कोई शुभ संयोग हो तो उसका महत्व और बढ जाता है, इस बार भी कुछ ऐसा ही होने जा रहा है, इस बार अक्षय तृतीया बेहद शुभ योग में पड रही है, इस बार सर्वार्थ सिद्ध योग एवं मानस योग बन रहे हैं, इस दिन विवाह आदि कार्य बिना मुहूर्त निकलवाये सम्पन्न किये जा सकते हैं, यदि किसी जातक की शादी में बाधाएं आ रही है तो यह उपाय करैं- यह उपाय मुख्य रूप से उन माता- पिता के लिए है, जो अपनी संतान की शादी के लिए परेशान है, इस दिन आपके आस पास जहाँ कहीं शादी हो रही है, वहाँ जाकर कन्या को दान स्वरूप कुछ दै , अक्षय तृतीया के दिन पितरों के निमित्त कलश पंखा, छाता चप्पल ककड़ी खरबूजा आदि दान करैं, जरूरत मंदों को और साधुओं को फल सक्कर और घी दान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है, पंडित प्रकाश जोशी गेठिया नैनीताल

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