(Big News)- NEET विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
नैनीताल से अंकिता मेहरा की रिपोर्ट
नई दिल्ली। NEET परीक्षा को लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र सौंपने की जानकारी छात्रों के नाम लिखे एक सार्वजनिक पत्र के जरिए साझा की। पिछले कई दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर सहित विभिन्न राज्यों में छात्र उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने यह निर्णय देशहित, शिक्षा व्यवस्था की गरिमा और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों का कोई भी राष्ट्रविरोधी तत्व फायदा न उठा सके, देश में शांति और एकता बनी रहे तथा छात्र आंदोलन और कानूनी विवादों में उलझने के बजाय अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकें, इसी उद्देश्य से उन्होंने इस्तीफा दिया है।
प्रधान ने लिखा कि वह पिछले लगभग चार दशकों से शिक्षा और छात्र हित से जुड़े रहे हैं तथा हमेशा पारदर्शी और मजबूत शिक्षा व्यवस्था के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें देश की सेवा का अवसर मिला, जिसके लिए वह सदैव कृतज्ञ रहेंगे।
उन्होंने पत्र में NEET-UG 2026 परीक्षा का भी उल्लेख करते हुए कहा कि परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी मिलने के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल सीबीआई जांच के आदेश दिए, परीक्षा रद्द की और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया। साथ ही अगले वर्ष से परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया।
धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार, सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करना थी। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग से 21 जून को पुनः परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई और 16 जुलाई को परिणाम घोषित किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान कुछ लोगों ने छात्रों को भ्रमित करने का प्रयास किया, जिससे उन्हें व्यक्तिगत रूप से दुख पहुंचा।
पत्र के अंत में उन्होंने कहा कि भारत की युवाशक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और उनके सपनों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि वह भविष्य में भी राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित रहेंगे।


