ब्लू डार्ट भारत के सुदूर इलाकों में ड्रोन के जरिए वैक्सीन और आपातकालीन चिकित्सीय सामग्रियों की करेगा डिलीवरी

ख़बर शेयर करें

ब्लू डार्ट भारत के सुदूर इलाकों में ड्रोन के जरिए वैक्सीन और आपातकालीन चिकित्सीय सामग्रियों की डिलीवरी करेगा

ब्लू डार्ट ने वैक्सीन और आपात चिकित्सकीय आपूर्ति की डिलीवरी के लिए प्रायोगिक मानवरहित विमान प्रणाली (युएएस) के परिचालन हेतु ब्लू डार्ट मेड-एक्सप्रेस कंसोर्शियम का गठन किया

अंतिम गंतव्य तक वैक्सीन पहुँचाने की चुनौतियों के समाधान के लिए इंटेलीजेंट स्मार्ट ड्रोन से डिलीवरी

देहरादून, 14 मई, 2021 – भारत की अग्रणी एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता कंपनी ब्लू डार्ट ने ब्लू डार्ट मेड-एक्सप्रेस कंसोर्शियम का गठन किया है, जिसका लक्ष्य भारत के सुदूर इलाकों में ड्रोन के जरिए वैक्सीन और आपातकालीन चिकित्सीय सामग्रियों की डिलीवरी का स्वरुप बदलना है। ब्लू डार्ट, डॉयचे पोस्ट डीएचएल ग्रूप (डीपीडीएचएल) का हिस्सा है। ब्लू डार्ट मेड-एक्सप्रेस कंसोर्शियम तेलंगाना सरकार, विश्व आर्थिक मंच, नीति आयोग और हेल्थनेट ग्लोबल के सहयोग से संचालित ‘मेडिसिन फ्रॉम द स्काई’ परियोजना का हिस्सा है।

नागर विमानन मंत्रालय (डवब्।) ने इस परियोजना को जरूरी छूट और प्रायोगिक स्तर पर तेलंगाना में ड्रोन के संचालन की अनुमित दी है। इसका मकसद वितरण केंद्र से निश्चित स्थानों तक स्वास्थ्य सेवाओं, मसलन दवा, कोविड-19 टीका, ब्लड, जांच उपकरण और अन्य जीवन रक्षक उपकरणों की सुरक्षित, सटीक और भरोसेमंद पिक अप और डिलीवरी के लिए वैकल्पिक लॉजिस्टिक मार्ग का आकलन करना है।

ब्लू डार्ट आपूर्ति श्रृंखला के बुनियादी ढांचें में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और वह इस महामारी से सख्ती से निपटने की कोशिशों में लगा है। ब्लू डार्ट मेड-एक्सप्रेस की ड्रोन उड़ानें तेलंगाना के भीतर मौजूदा स्वास्थ्य सेवा लॉजिस्टिक्स को अनुकूलित करने के लिए एक इमर्सिव डिलीवरी मॉडल तैनात करेंगी। यह मॉडल जिला मेडिकल स्टोर और ब्लड बैंकों से पिकअप करके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (च्भ्ब्े), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (ब्भ्ब्े), रक्त संग्रहण इकाइयों को और इसके आगे च्भ्ब्े ध् ब्भ्ब्े से केंद्रीय नैदानिक प्रयोगशालाओं को आपूर्ति की प्रक्रिया को समक्ष बनाएगा।

इस महामारी से लड़ने में देश की मदद करने के मामले में गर्व की भावना से ओत-प्रोत बैलफोर मैनुएल, मैनेजिंग डायरेक्टर, ब्लू डार्ट ने कहा कि, “एक साल से अधिक का समय हो चुका है और कोविड-19 के खिलाफ हमारी लड़ाई में कई नई चुनौतियाँ सामने आ रही है, जिसका हमें रियल टाइम में समाधान करने की जरूरत है। इस महामारी ने हम सभी को लॉजिस्टिक्स और प्रौद्योगिकी आधारित आपूर्ति श्रृंखला की अहमियत का एहसास दिलाया है। एक संगठन के तौर पर ब्लू डार्ट हमेशा से ही भविष्य की प्रौद्योगिकियों से घिरी रही है। हमारी इसी योग्यता ने हमें न केवल इस महामारी में टिकाए रखा बल्कि हमारी ग्रोथ को मजबूती मिली। हम देश के 35,000 से अधिक स्थलों तक पहुंच रखते हैं लेकिन मौजूदा स्थिति में वैक्सीन की पैठ और अधिक बढ़ाने की जरुरत है।”

यह भी पढ़ें -  “जीवा हेल्थ वीक” में फ्री कंसल्टेशन के साथ आयुर्वेदिक तरीके से करें स्वास्थ्य समस्याओं का उपचार

नजरों से दूर दुर्गम स्थलों तक ड्रोन के जरिए टीके की आपूर्ति के प्रयोग के बारे में केतन कुलकर्णी, सीएमओ और हेड दृ बिजनेस डेवलपमेंट, ब्लू डार्ट ने कहा कि, “कंसोर्शियम का उद्देश्य सुरक्षित, कुशल और किफायती ड्रोन डिलीवरी उड़ानों को सक्षम करना है। कुशल प्रणालियों से युक्त यह मौजूदा लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में मदद कर सकता है, जिससे स्वास्थ्य सेवा लॉजिस्टिक्स तेज और ज्यादा कार्यकुशल हो जाएगा। हमें परिचालन शुरू करने का अधिकार मिलने की खुशी है और निश्चित रूप से यह समय की जरूरत है। मानवता इस समय सर्वाधिक खराब दौर से गुजर रही है और ऐसे समय में ब्लू डार्ट अपने परिचालन क्षेत्र के समाज को वापस देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें वह संचालित होता है। ब्लू डार्ट एक कदम आगे बढ़ाने के लिए हमेशा तैयार रहेगा।”

तेलंगाना सरकार में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी), आईटीईऐंडसी विभाग और एमर्जिंग टेक्नोलॉजिज की डायरेक्टर श्रीमति रमा देवी लंका ने कहा कि, “यह परियोजना भविष्य की नीतियों के अनुपालन और मौजूदा स्वास्थ्य सेवा आपूर्ति श्रृंखला के साथ एकीकरण की दिशा में वास्तविक और कार्रवाई योग्य अंतर्दृष्टि मुहैया कराएगी। कोविड-19 महामारी ने जिस तरह से मौजूदा आपूर्ति श्रृंखलाओं को नष्ट किया है, वैसे में ऐसी उत्कृष्ट तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है।”

यह भी पढ़ें -  दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे से हरिद्वार के लिए भी कनेक्टिविटी

तेलंगाना सरकार में आईटीईऐंडसी विभाग के प्रधान सचिव, श्री जयेश रंजन, आईएएस ने कहा कि, “तेलंगाना उभरती प्रौद्योगिकी को अपनाने के मामले में सर्वाधिक सक्रिय राज्यों में से एक रहा है और मेडिसिन फ्रॉम द स्काई परियोजना के जरिए ड्रोन से की जाने वाली आपूर्ति इसी सिद्धांतों के मुताबिक है। यह परियोजना देश की पहली ऐसी परियोजना है, जिसमें एक साथ स्वास्थ्य सेवाओं की आपूर्ति के लिए कई ड्रोन को संचालित किया जाएगा। इसके पीछे का मकसद ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवा की समानता सुनिश्चित करना है।”

ब्लू डार्ट महामारी के खिलाफ लड़ाई में देश की लगातार मदद कर रहा है। राष्ट्र के कारोबार के सुचारू संचालन में मददगार के रूप में ब्लू डार्ट ने यह सुनिश्चित किया है कि देश भर में महत्वपूर्ण शिपमेंट की डिलीवरी सुनिश्चित होती रहे और जीवन सुचारू रूप से चलता रहे।

इस सिद्धांत के प्रति अपनी वचनबद्धता को ध्यान में रखते हुए ब्लू डार्ट महामारी की शुरुआत के समय से ही बेहद महत्वपूर्ण सप्लाई चेन को बनाए रखने की दिशा में अथक रूप से प्रयासरत रहा है। ब्लू डार्ट आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने और कोविड जांच किट, वेंटिलेटर, पीपीई किट, टेस्टिंग किट, एंजाइम, रेसपिरेटर्स, सर्जिकल मास्क, गॉगल्स और दस्तानों के साथ अन्य महत्वपूर्ण शिपमेंट की आपूर्ति के लिए फार्मा और चिकित्सकीय उपकरण निर्माता कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही है। कंपनी के छह बोइंग 757 मालवाहक बड़े पैमाने पर शिपमेंट की ढुलाई को तेजी से संचालित करने में मदद देते हैं।

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 हमारे Facebook पेज़ को लाइक करें

Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
You cannot copy content of this page