नैनीताल बीडी पांडे अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य सचिव, बोले- 3 से 4 महीने में दूर होगी डॉक्टरों की कमी

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नैनीताल से अंकिता मेहरा की रिपोर्ट

नैनीताल। स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडे ने बुधवार को नैनीताल स्थित बीडी पांडे जिला अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, चिकित्सकों की तैनाती और अस्पताल की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी।

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी को दूर करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले तीन से चार महीनों में डॉक्टरों की उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। प्रदेश में चिकित्सकों के कुल 2909 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में करीब 2500 डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं।

उन्होंने बताया कि मेडिकल बोर्ड के माध्यम से हाल ही में 252 नए चिकित्सकों का चयन हुआ है। इनमें चिकित्सा अधिकारी के साथ विशेषज्ञ चिकित्सक भी शामिल हैं। करीब 200 डॉक्टर अब तक अपनी सेवाएं शुरू कर चुके हैं। नई नियुक्तियों के बाद प्रदेश में चिकित्सकों की कमी घटकर करीब 400 से 450 पदों तक रह गई है।

मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों की कमी दूर करने के लिए भी 422 चिकित्सकों के चयन की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा जरूरत के अनुसार बाहरी माध्यम से भी डॉक्टरों की नियुक्ति की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सेवानिवृत्त चिकित्सकों की सेवाओं का भी लाभ लिया जा रहा है। 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होने वाले डॉक्टरों को पांच वर्ष तक चिकित्सा सेवाएं देने की अनुमति दी जा रही है।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार की गई है। सरकार का उद्देश्य है कि सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सक उपलब्ध रहें और मरीजों को उपचार के लिए दूसरे शहरों की ओर न जाना पड़े।

उन्होंने अस्पतालों की व्यवस्थाओं की स्थानीय स्तर पर नियमित निगरानी पर भी जोर दिया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों और जिला स्तर पर गठित समितियों को अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिक स्तर पर ही समाधान किया जाना चाहिए, ताकि मरीजों को अनावश्यक परेशानी न हो।

भवाली सेनेटोरियम अस्पताल समेत पुराने अस्पतालों से जुड़े मामलों पर स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि संबंधित स्थिति से न्यायालय को अवगत कराया जा चुका है। इन मामलों में जल्द ही आगे की प्रगति सामने आने की उम्मीद है।

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