जमरानी बांध का निर्माण राज्य व केन्द्र सरकार की है महत्वाकांक्षी परियोजना-आयुक्त कुमाऊॅ मण्डल अरविंद सिंह ह्यांकी

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हल्द्वानी –   शुक्रवार को आयुक्त कुमाऊॅ मण्डल श्री अरविन्द सिंह ह्यांकी की अध्यक्षता में जमरानी बाॅंध परियोजना समन्वय समिति एवं क्षेत्र प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक सर्किट हाउस में आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी नैनीताल धीराज सिह गर्ब्याल तथा जिलाधिकारी उधम सिंह नगर रंजना राजगुरू ने भी शिरकत की। आयुक्त श्री ह्यांकी ने कहा कि जमरानी बांध का निर्माण राज्य व केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है। उन्होने कहा कि जमरानी बंाध परियोजना का मुख्य उददेश्य जल संवर्धन कर हल्द्वानी क्षेत्र की जलापूर्ति व तराई भाबर एवं उत्तरप्रदेश क्षेत्र में सिचाई उपलब्ध कराना तथा विद्युत उत्पादन है।  इसलिए  परियोजना कार्यों पर शीघ्रता से कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।
आयुक्त ने जमरानी बांध प्रभावित क्षेत्र की सर्वे गति धीमी होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुये महाप्रबन्धक जमरानी बांध को निर्देश दिये कि वे कर्मचारियों की संख्या बढाकर एक माह मे सर्वे पूर्ण करें। उन्होने मुख्य अभियन्ता सिचाई तथा महाप्रबन्धक जमरानी बाॅंध परियोजना प्रशान्त विश्नोई को निर्देश दिये कि वे प्रभावित क्षेत्रवासियों व संघर्ष समिति से लगातार वार्ता करें व उन्हें  एक्ट के अनुसार पुनर्वास व पुर्नस्थापन सम्बन्धी पूर्ण जानकारियां दें। क्षेत्रवासियों द्वारा पुर्नवास हेतु चयनित भूमि व एक्ट के अनुसार दी जाने वाली सुविधाओ ंकी विस्तृत जानकारियां ली व अपने सुझाव तथा मांग भी रखी। क्षेत्रवासी जीवन सिह सम्भल ने सितारगंज मे प्रस्तावित भूमि में जलभराव रोकने एवं बाढ सुरक्षा कार्य किये जाने का सुझाव दिया। आयुक्त ने कहा कि लारा एक्ट के अनुसार क्षेत्रवासियो को पूर्ण सुविधायें दी जायेंगी किसी भी प्रभावित व्यक्ति को नुकसान नही होने दिया जायेगा। उन्होने महाप्रबन्धक जमरानी बांध एवं अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे प्रभावित गांवों मे जाकर जनता को एक्ट सम्बन्धी पूर्ण जानकारियां दें तथा गांव प्रतिनिधियों को सितारगंज मे विस्थापन हेतु  प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण भी करायें व उनके सुझाव भी लें।


जिलाधिकारी श्री धीराज सिह गर्ब्याल ने क्षेत्र प्रतिनिधियो से कहा कि वे चिन्हित भूमि पर विस्थापन हेतु शीघ्र स्वीकृति देेते हैं तो शीघ्रता से विस्थापन कार्य हो सकेगा। उन्होने क्षेत्रवासियो ंसे चिन्हित सितारगंज भूमि सम्बन्धी सुझाव भी मागें ताकि प्रारम्भिक स्तर पर ही विस्थापन भूमि को जनता के सुझाओं के अनुरूप  विकसित किया जा सके।  उन्होने जमरानी के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे बांध की जद मे आ रहे छः ग्रामों के लोगो के साथ बैठक कर दो तरफा संवाद कायम किया जाए है तथा उनको एक्ट की पूर्ण जानकारी दें तथा उनके सुझाव भी लेें।
बैठक में जिलाधिकारी उधम सिंह नगर रंजना राजगुरू ने बताया कि दियोहरी में 52.85 एकड़, खटीमा तहसील के ग्राम उलाहनी में 120.07 एकड़, सितारगंज तहसील के ग्राम लालरखास, कल्याणपुरी बरा में 247.09 एकड़, लालरपट्टी ग्राम में 37.57 एकड़ में पुर्नवास हेतु कुल 457.58 एकड़ भूमि चयनित की गयी है।  बैठक मेें बांध प्रभावित खातेदारों की डूब क्षेत्र के ग्रामों मे अवस्थित कुल भूमि की गणना की दªुत गति से कार्यवाही किये जाने के विषय में चर्चा की गयी।

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