नैनीताल मल्लीताल के सात नंबर अल्मा कॉटेज क्षेत्र में फिर हुआ भू-धंसाव, एक दर्जन मकानों पर मंडराया खतरा
नैनीताल से अंकिता मेहरा की रिपोर्ट
नैनीताल। मल्लीताल के सात नंबर अल्मा कॉटेज क्षेत्र में लगातार हो रहे भू-धंसाव ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को फिर पहाड़ी का हिस्सा खिसकने से सड़क की सुरक्षा दीवार और क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे आसपास के करीब एक दर्जन मकानों पर खतरा गहरा गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले वर्ष मानसून के दौरान ही सड़क पर दरारें दिखाई देने लगी थीं। स्थिति को देखते हुए क्षेत्रीय सभासद जितेंद्र पांडे ने पहले ही जिला प्रशासन से स्थायी सुरक्षा कार्य कराने की मांग की थी। एहतियात के तौर पर प्रभावित हिस्से में टिन शीट लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी का बड़ा हिस्सा धंस गया। इससे सड़क और सुरक्षा दीवार को भारी नुकसान पहुंचा तथा मलबा नीचे नाले में जा गिरा।
बुधवार को दोबारा हुए भू-धंसाव के बाद क्षेत्र में रहने वाले लोगों की चिंता और बढ़ गई है। सभासद जितेंद्र पांडे के अनुसार सड़क के ऊपरी हिस्से में स्थित पांच तथा निचले हिस्से के सात मकान खतरे की जद में हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग की है।
इससे पहले एक जून को कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने मामले का संज्ञान लेते हुए सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर 15 दिनों के भीतर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए थे।
एसडीएम नवाजिश खलिक ने बताया कि ताजा भू-धंसाव की सूचना मिलने के बाद सिंचाई विभाग को तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बारिश के मौसम को देखते हुए बिना विलंब स्थायी सुरक्षा कार्य शुरू करने की मांग की है।


