राजकीय महाविद्यालय शीतलाखेत में ‘नवाचार – NEP in Action’, NEP लाभ मेला एवं राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस का आयोजन

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राजकीय महाविद्यालय शीतलाखेत, अल्मोड़ा में 12 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से ‘नवाचार – NEP in Action’ विषय पर चर्चा-परिचर्चा कार्यक्रम तथा NEP लाभ मेले का आयोजन किया गया। इसके साथ ही महान पुस्तकालय विज्ञानी पद्मश्री डॉ. एस. आर. रंगनाथन की 134वीं जयंती के उपलक्ष्य में ‘राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस’ भी मनाया गया।

“अखिल भारतीय शिक्षा समागम -2026” के अंतर्गत ‘नवाचार – NEP in Action’ कार्यक्रम का आयोजन डॉ. छत्र सिंह कठायत द्वारा किया गया। चर्चा-परिचर्चा के दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रमुख प्रावधानों, शिक्षा में नवाचार, कौशल विकास, बहुविषयक एवं रोजगारपरक शिक्षा तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में नई शिक्षा नीति की भूमिका के विषय में जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों ने भी परिचर्चा में सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने विचार एवं जिज्ञासाएं साझा कीं।

इसी क्रम में NEP लाभ मेले का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न शैक्षिक अवसरों एवं लाभों से परिचित कराया गया। विद्यार्थियों को नई शिक्षा व्यवस्था में पाठ्यक्रम चयन, कौशल विकास, क्रेडिट आधारित व्यवस्था, बहुविषयक अध्ययन तथा उच्च शिक्षा में उपलब्ध विभिन्न अवसरों के संबंध में जानकारी दी गई।

इसके साथ ही महाविद्यालय में “पद्मश्री डॉ. एस. आर. रंगनाथन की 134वीं जयंती” के शुभ अवसर पर “राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस” मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ललन प्रसाद वर्मा द्वारा डॉ. एस. आर. रंगनाथन के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया।

तत्पश्चात सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह ने डॉ. एस. आर. रंगनाथन के जीवन एवं पुस्तकालय विज्ञान के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने पुस्तकालय विज्ञान के विकास एवं आधुनिक पुस्तकालय व्यवस्था को नई दिशा प्रदान करने में डॉ. रंगनाथन की उल्लेखनीय भूमिका से छात्र-छात्राओं को अवगत कराया।

इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. ललन प्रसाद वर्मा ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में पुस्तकालयों के महत्व एवं उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को पुस्तकों एवं पुस्तकालय संसाधनों का अधिकाधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बदलते डिजिटल परिवेश में भी पुस्तकालय ज्ञान, अध्ययन, शोध एवं बौद्धिक विकास के महत्वपूर्ण केंद्र हैं।

कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को एक ओर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, नवाचार एवं नए शैक्षिक अवसरों की जानकारी प्राप्त हुई, वहीं दूसरी ओर उन्हें पुस्तकालयों की उपयोगिता एवं डॉ. एस. आर. रंगनाथन के योगदान से परिचित होने का अवसर मिला।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, कार्यालय स्टाफ तथा छात्र-छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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