कुमाऊं विश्विद्यालय के शिक्षकों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यमों से भी किया जा रहा शिक्षण कार्य

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वैश्विक महामारी कोविड 19 में ऑनलाइन माध्यम से ज्ञान अर्जित किया जा रहा है,जिससे विद्यार्थी सुरक्षित रहकर अपनी पढ़ाई कर पा रहे। कुमाऊं विश्विद्यालय के विभिन्न शिक्षकों द्वारा विभिन्न माध्यमों से शिक्षण कार्य किया जा रहा है ,जिसने यू ट्यूब ,गूगल मीट तथा गूगल क्लास रूम मुख्य है। प्राध्यापकों द्वारा शिक्षण को रोचक बनाने के प्रयास निरंतर किए जा रहे ,वीडियो बनाकर यूट्यूब के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है जिसे विद्यार्थियों द्वारा पसंद किया जा रहा है, इस मध्यम से विश्विद्यालय विद्यार्थियों के साथ साथ महाविद्यालयों के विद्यार्थी भी इसका लाभ ले रहे है। इसकी खास बात है की विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई कर सकते है तथा बार बार देखकर समझ सके है।रसायन विभाग की सहप्राध्यापक डॉ.गीता तिवारी द्वारा रसायन विषय पर 294 यू ट्यूब चैनल के माध्यम से शिक्षण कार्य किया जा रहा है,जिसके सब्सक्राइबर की संख्या भी 2970 है, तथा विद्यार्थियों द्वारा पसंद किया जा रहा है। रसायन विभाग की ही प्रो. चित्रा पांडे के भी 113 यूट्यूब वीडियो सब्सक्राइबर 1280 है जिस विद्यार्थियों द्वारा पसंद किया जा रहा है। इन वीडियो से विद्यार्थियों को अध्ययन में बहुत सरलता हो रही है। डॉ.महेश आर्या के भी रसायन विषय 21 यूट्यूब वीडियो उपलब्ध है तथा इनके सब्क्राइबर की संख्या ,800है।
जैव प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ.मयंक पांडे के 3 यूट्यूब वीडियो सब्सक्राइबर1240 है जिससे कोविड काल में सुरक्षित रहने का संदेश मिलता है। इसी तरह विश्विद्यालय के अन्य शिक्षक भी यूट्यूब के साथ अन्य माध्यमों से शिक्षण कार्य में लगे है ,अध्ययन को प्रौद्योगिकी के माध्यम रोचक बनाने में प्रयासरत है तथा विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम पूर्ण कर रहे है।

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