नरेश पांडे प्रकरण में नया मोड़, पहली शिकायतकर्ता बनी सह-आरोपी, कोर्ट ने न्यायिक रिमांड पर भेजा
नैनीताल से अंकिता मेहरा की रिपोर्ट
नैनीताल। भवाली के चर्चित नरेश पांडे प्रकरण में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मामले में सबसे पहले शिकायत दर्ज कराने वाली युवती को पुलिस ने सह-आरोपी के रूप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। अदालत ने उसे पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
शासकीय अधिवक्ता के अनुसार, इसी युवती ने पहले मल्लीताल थाने में नरेश पांडे के खिलाफ यौन शोषण का मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में उसने आरोप लगाया था कि नरेश पांडे ने उसका यौन शोषण किया, अन्य युवतियों का भी यौन शोषण किया और वह उसके कारण गर्भवती हुई थी।
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने युवती से न्यायालय में बयान दर्ज कराने के लिए कहा, लेकिन वह परिजनों से बात करने का हवाला देते हुए लगातार समय मांगती रही। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और युवती द्वारा बताए गए काठगोदाम स्थित होटल की जांच की।
जांच के दौरान होटल के रजिस्टर में एक नाबालिग किशोरी की एंट्री मिली। इसके बाद पुलिस किशोरी तक पहुंची और उससे पूछताछ की। किशोरी ने आरोप लगाया कि प्रथम शिकायतकर्ता और वर्तमान में सह-आरोपी युवती उसे बहला-फुसलाकर होटल ले गई, जहां पहले से नरेश पांडे मौजूद था। आरोप है कि वहां उस पर नरेश पांडे के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर उसे धमकाया गया और घटना के बारे में किसी को भी जानकारी न देने के लिए कहा गया। अभियोजन के अनुसार, लोकलाज और सामाजिक बदनामी के डर से किशोरी ने अपनी पढ़ाई छोड़ दी और अपने गांव लौट गई।
अभियोजन का दावा है कि विवेचना के दौरान होटल के रजिस्टर सहित अन्य साक्ष्य सामने आने के बाद किशोरी की शिकायत के आधार पर मल्लीताल थाने में पॉक्सो एक्ट और BNS की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
इसी मामले में पुलिस ने सह-आरोपी युवती को गिरफ्तार कर मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


