पद्म पुरस्कार 2027 हेतु योग्य व्यक्तियों की पहचान के लिए विशेष अभियान
भारत सरकार द्वारा प्रदत्त पद्म पुरस्कार—पद्म विभूषण, पद्म भूषण एवं पद्म श्री—देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल है। वर्ष 1954 में स्थापित ये पुरस्कार प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित किए जाते हैं। इन पुरस्कारों का उद्देश्य कला, साहित्य एवं शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, जनसंपर्क, सिविल सेवा, व्यापार एवं उद्योग आदि विविध क्षेत्रों में विशिष्ट एवं असाधारण योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करना है। इन पुरस्कारों के लिए जाति, व्यवसाय, पद अथवा लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता है।
पद्म पुरस्कारों हेतु व्यापक और पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों एवं अन्य संबंधित स्रोतों से नामांकन आमंत्रित किए जाते हैं। इच्छुक व्यक्ति अथवा संस्थाएं अपने नामांकन/सिफारिशें केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in के माध्यम से ही ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकते हैं। नामांकन करते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित व्यक्ति की उपलब्धियों एवं सेवाओं का स्पष्ट एवं विस्तृत विवरण निर्धारित प्रारूप में अंकित हो। इसके अतिरिक्त, पद्म पुरस्कारों से संबंधित नियम एवं विनियम https://padmaawards.gov.in पर उपलब्ध हैं। पूर्व में यह देखा गया है कि अनेक योग्य एवं प्रतिभाशाली व्यक्ति, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण योगदान दिया है, वे प्रचार-प्रसार से दूर रहने के कारण नामांकन प्रक्रिया से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में सभी संबंधित विभागों एवं संस्थाओं से अपेक्षा की जाती है कि वे ऐसे व्यक्तियों की पहचान हेतु विशेष प्रयास करें और उनके नामांकन सुनिश्चित करें, जिससे इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों की गरिमा और अधिक सुदृढ़ हो सके।
गणतंत्र दिवस 2027 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कारों के लिए उपयुक्त नामांकन भेजने हेतु सभी विभागों, संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों से अनुरोध है कि वे एक विशेष खोज समिति का गठन कर संभावित नामों की पहचान, परीक्षण एवं अंतिम चयन की प्रक्रिया पूर्ण करें। नामांकन करते समय यह विशेष ध्यान रखा जाए कि अनुशंसित व्यक्ति अपने जीवनकाल की उपलब्धियों के आधार पर उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों पर खरे उतरते हों तथा उनकी सेवाओं में जनहित एवं सार्वजनिक सेवा का स्पष्ट तत्व निहित हो। महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों, दिव्यांग व्यक्तियों आदि में से प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान की जाएगी जो पुरस्कार के लिए योग्य हैं। यह सम्मान सामान्यतः मरणोपरांत प्रदान नहीं किया जाता है। यद्यपि, अत्यंत योग्य मामलों में, सरकार मरणोपरांत पुरस्कार देने पर विचार कर सकती है यदि सम्मानित किए जाने वाले व्यक्ति का निधन हाल ही में हुआ हो, उदाहरण के लिए गणतंत्र दिवस से एक वर्ष पूर्व की अवधि के भीतर, जिस दिन पुरस्कार की घोषणा प्रस्तावित है। पद्म पुरस्कार की उच्च श्रेणी के लिए उस व्यक्ति पर विचार किया जा सकता है जिसे पहले पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है, बशर्ते कम से कम पांच वर्ष की अवधि बीत चुकी हो। सरकारी कर्मचारी, जिनमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी भी शामिल हैं, डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को छोड़कर पद्म पुरस्कारों के लिए पात्र नहीं हैं। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकार से नामांकन/सिफारिश एक प्रक्रिया के माध्यम से हो। आप अपने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में पद्म पुरस्कारों के लिए उम्मीदवारों की पहचान करने और उनके कार्यों को ध्यान में रखते हुए शीर्ष योग्य उम्मीदवारों को नामांकित करने के लिए एक समिति गठित करने पर विचार कर सकते हैं।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने नैनीताल जिले के इच्छुक व्यक्तियों अथवा संस्थाओं से अपील की है कि वह अपने नामांकन/सिफारिशें राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकते हैं। पद्म पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन नामांकन/सिफारिशें शुरू हो गई हैं और नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2026 है।


